पिथौरागढ़ अपार खनिज संपदा का समझदारी से दोहन करना ज़रूरी है?

खनिज
24-10-2025 09:10 AM
पिथौरागढ़ अपार खनिज संपदा का समझदारी से दोहन करना ज़रूरी है?

पिथौरागढ़ जिला न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है, बल्कि इसकी धरती के गर्भ में विशाल भूवैज्ञानिक खजाना भी छिपा है। यह खजाना उन खनिजों का है, जो चट्टानों के भीतर पाए जाते हैं और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति देने की अपार क्षमता रखते हैं। विज्ञान के अनुसार, खनिज एक प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला अकार्बनिक (inorganic) ठोस पदार्थ है, जिसकी एक निश्चित रासायनिक संरचना और क्रिस्टलीय (crystalline) संरचना होती है, जबकि चट्टानें एक या एक से अधिक खनिजों का एक समुच्चय होती हैं। पिथौरागढ़ की चट्टानें मैग्नेसाइट, चूना पत्थर, टैल्क और तांबे जैसी बहुमूल्य खनिजों से समृद्ध हैं। यह लेख जिले की खनिज संपदा, इसके आर्थिक आयाम और इस संपदा के खनन से जुड़ी गंभीर पर्यावरणीय और सामाजिक चुनौतियों का एक विस्तृत और संतुलित विश्लेषण प्रस्तुत करता है।

पिथौरागढ़ का भूविज्ञान इसे विभिन्न प्रकार के धात्विक और औद्योगिक खनिजों का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाता है। जिले में पाए जाने वाले प्रमुख खनिज इस प्रकार हैं:

औद्योगिक खनिज:

  • मैग्नेसाइट (Magnesite): यह पिथौरागढ़ का सबसे महत्वपूर्ण और प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला खनिज है। चंडाक, देवस्थल और अन्य क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाले मैग्नेसाइट के विशाल भंडार हैं। अपने उच्च ताप-सहने की क्षमता के कारण, इसका उपयोग मुख्य रूप से स्टील (steel) और लोहा उद्योगों के लिए दुर्दम्य (रिफ्रैक्टरी (refractory)) ईंटें बनाने में किया जाता है। जिले में स्थित मैग्नेसाइट की खदानें देश की प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं में से हैं।
  • चूना पत्थर (Limestone): जिले में सीमेंट-ग्रेड (cement grade) चूना पत्थर के भी बड़े भंडार मौजूद हैं, जो इसे सीमेंट उद्योग के लिए एक आकर्षक स्थान बनाता है। गंगोलीहाट और धारचूला जैसे क्षेत्रों में इसकी महत्वपूर्ण खदानें स्थित हैं।
  • टैल्क / सोपस्टोन (Talc/Soapstone): पिथौरागढ़ में उच्च गुणवत्ता वाले टैल्क, जिसे सोपस्टोन या खड़िया के नाम से भी जाना जाता है, का खनन भी बड़े पैमाने पर होता है। यह एक नरम खनिज है जिसका उपयोग सौंदर्य प्रसाधन, पेंट (paint), सिरेमिक (ceremic) और कागज उद्योगों में व्यापक रूप से किया जाता है।

बहुधात्विक भंडार (Polymetallic Deposits):

  • तांबा और जस्ता (Copper and Zinc): माइंडैट.ओआरजी जैसे भूवैज्ञानिक डेटाबेस (database) के अनुसार, अस्कोट क्षेत्र अपने बहुधात्विक भंडारों के लिए जाना जाता है, जहाँ तांबे और जस्ते के साथ-साथ सीसा और चांदी जैसी अन्य धातुएँ भी पाई जाती हैं। इस क्षेत्र में प्राचीन खनन के भी प्रमाण मिले हैं, जो इसके ऐतिहासिक महत्व को दर्शाता है।
  • सोना (Gold): हाल के वर्षों में, भूवैज्ञानिक सर्वेक्षणों ने जिले में सोने के भंडार होने की भी पुष्टि की है। इंडिया.कॉम की एक रिपोर्ट के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में तांबे के साथ सोने के कण पाए गए हैं, जिससे भविष्य में खनन की संभावनाएं बढ़ी हैं। इन रिपोर्टों के आधार पर, हैदराबाद स्थित एक कंपनी द्वारा आगे के अन्वेषण और खनन की योजनाओं पर भी काम किया जा रहा है, जो जिले के लिए एक नए आर्थिक अध्याय की शुरुआत कर सकता है।

खनिज संपदा का खनन पिथौरागढ़ और पूरे उत्तराखंड राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण राजस्व स्रोत है। खनन गतिविधियों से सरकार को रॉयल्टी और अन्य करों के रूप में पर्याप्त आय होती है, जिसका उपयोग राज्य के विकास कार्यों में किया जाता है। इसके अलावा, इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण तंत्र है जिसे 'जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट' (District Mineral Foundation - DMF) कहा जाता है।

DMF की स्थापना भारत सरकार के खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम के तहत की गई है। यह एक गैर-लाभकारी ट्रस्ट है जिसका गठन खनन से प्रभावित जिलों में किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य खनन गतिविधियों से प्रभावित लोगों और क्षेत्रों के हितों के लिए काम करना है। खनन कंपनियों को अपनी रॉयल्टी का एक निश्चित प्रतिशत इस ट्रस्ट में जमा करना अनिवार्य होता है। इस फंड का उपयोग सीधे तौर पर खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए किया जाता है, जैसे:

  • बुनियादी सुविधाएं: स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और शिक्षा के लिए स्कूलों का निर्माण।
  • आजीविका: स्थानीय युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम और वैकल्पिक आजीविका के अवसर पैदा करना।
  • पर्यावरण संरक्षण: खनन के कारण हुए पर्यावरणीय नुकसान की भरपाई और प्रदूषण नियंत्रण के उपाय करना।

यह ट्रस्ट सुनिश्चित करता है कि खनिज संपदा से होने वाली आय का एक हिस्सा सीधे उन समुदायों तक पहुँचे जो खनन के नकारात्मक प्रभावों को सबसे अधिक झेलते हैं। आर्थिक लाभ के बावजूद, खनन की गतिविधियाँ, विशेष रूप से पिथौरागढ़ जैसे भूवैज्ञानिक रूप से संवेदनशील और नाजुक हिमालयी क्षेत्र में, एक दोधारी तलवार की तरह हैं। इसके पर्यावरणीय और सामाजिक परिणाम अक्सर बहुत गंभीर होते हैं।

पिथौरागढ़ भूकंपीय रूप से सक्रिय ज़ोन-V में आता है, यहाँ की चट्टानें कच्ची हैं और ढलानें बहुत खड़ी हैं। भारी मानसूनी वर्षा के साथ मिलकर यह स्थिति खनन गतिविधियों को अत्यधिक जोखिम भरा बना देती है। विस्फोटकों का उपयोग, भारी मशीनरी और ढलानों की कटाई पहाड़ों की स्थिरता को कमजोर करती है, जिससे भूस्खलन का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसका एक स्पष्ट उदाहरण सितंबर 2024 में पिपली खड़िया खान क्षेत्र में हुई घटना है। भारी बारिश के बाद खड़िया खान के पास हुए एक विनाशकारी भूस्खलन ने मनगढ़ गाँव के छह घरों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। इस घटना ने कई परिवारों को बेघर कर दिया और स्थानीय आबादी में भय का माहौल पैदा कर दिया। यह घटना एक अकेली घटना नहीं है, बल्कि यह इस बात का एक गंभीर प्रमाण है कि कैसे खनन गतिविधियाँ प्राकृतिक आपदाओं के प्रति क्षेत्र की भेद्यता को बढ़ा देती हैं, जिससे मानव जीवन और संपत्ति सीधे खतरे में पड़ जाती है।

पिथौरागढ़ की खनिज संपदा निस्संदेह इस क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए एक शक्तिशाली इंजन है। यह राजस्व उत्पन्न करती है और DMF जैसे तंत्रों के माध्यम से स्थानीय विकास को निधि प्रदान करने का एक प्रगतिशील मार्ग भी प्रशस्त करती है। हालांकि, इस आर्थिक क्षमता की एक भारी पर्यावरणीय और सामाजिक कीमत है। पिपली खड़िया खान जैसी घटनाएं एक स्पष्ट चेतावनी हैं कि यदि खनन गतिविधियों को सख्त वैज्ञानिक और पर्यावरणीय नियमों के बिना अनियंत्रित रूप से जारी रखा गया, तो इसके परिणाम विनाशकारी हो सकते हैं।

आगे का रास्ता एक अत्यंत सतर्क संतुलन की मांग करता है। यह आवश्यक है कि आर्थिक लाभ की खोज में पर्यावरण की सुरक्षा और स्थानीय समुदायों की सुरक्षा से कोई समझौता न किया जाए। टिकाऊ खनन तकनीकों को अपनाना, कठोर निगरानी और एक ऐसी नीति जो खनन से प्रभावित लोगों को निर्णय लेने की प्रक्रिया में सबसे आगे रखे, ही एकमात्र तरीका है जिससे पिथौरागढ़ अपने भूवैज्ञानिक खजाने का लाभ उठा सकता है, बिना अपनी प्राकृतिक विरासत और अपने लोगों के भविष्य को दांव पर लगाए।


संदर्भ 

https://tinyurl.com/2arftqk8 
https://tinyurl.com/227m4ob9 
https://tinyurl.com/2xtr5umm 
https://tinyurl.com/2aprvuvd 
https://tinyurl.com/223c7u4d 
https://tinyurl.com/2qj7zumc 



Recent Posts
{}