गणतंत्र दिवस: राष्ट्रीय उत्सव, गौरव और जौनपुर के लिए सम्मान का गौरवपूर्ण अवसर

आधुनिक राज्य : 1947 ई. से वर्तमान तक
26-01-2026 09:21 AM
गणतंत्र दिवस: राष्ट्रीय उत्सव, गौरव और जौनपुर के लिए सम्मान का गौरवपूर्ण अवसर

गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ!

जौनपुर सहित पूरे देश में हर वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस सम्मान, उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया जाता है। विद्यालयों, महाविद्यालयों, सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर तिरंगा फहराया जाता है तथा राष्ट्रगान के माध्यम से संविधान के प्रति निष्ठा व्यक्त की जाती है। जौनपुर में इस अवसर पर प्रभात फेरियाँ, सांस्कृतिक कार्यक्रम और विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति से जुड़ी झांकियाँ माहौल को विशेष बना देती हैं। गणतंत्र दिवस का सबसे भव्य और ऐतिहासिक आयोजन नई दिल्ली में आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड होती है, जहाँ देश की सांस्कृतिक विविधता, सैन्य शक्ति और लोकतांत्रिक परंपराओं का भव्य प्रदर्शन किया जाता है। यह परेड पूरे देश के लिए गर्व और एकता का प्रतीक मानी जाती है।
इसी राष्ट्रीय समारोह का हिस्सा बनने का गौरव इस वर्ष जौनपुर को भी मिला है। जौनपुर के बक्शा विकास खंड के उटरुकला गाँव की ग्राम प्रधान ज्योति यादव को नई दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने के लिए भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय की ओर से आमंत्रण मिला है। वह उत्तर प्रदेश के 33 जनपदों में से जौनपुर की एकमात्र पंचायत प्रतिनिधि हैं, जिन्हें यह सम्मान प्राप्त हुआ है। गणतंत्र दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि नागरिकों को भारत के लोकतांत्रिक स्वरूप, संवैधानिक अधिकारों और कर्तव्यों की याद दिलाने वाला दिन है, जो समाज में समानता, न्याय और जिम्मेदारी की भावना को और अधिक सुदृढ़ करता है।
इस लेख में गणतंत्र दिवस के ऐतिहासिक महत्व, 26 जनवरी के चयन के कारण, नई दिल्ली में होने वाली भव्य परेड, भारत की सैन्य शक्ति के प्रदर्शन, सांस्कृतिक झांकियों, वीरता पुरस्कारों तथा लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता से जुड़े मूल्यों पर विस्तार से चर्चा की गई है।

File:Dr. Babasaheb Ambedkar Chairman, Drafting Committee of the Indian Constitution with other members on Aug. 29, 1947.jpg

गणतंत्र दिवस का इतिहास और भारतीय संविधान का लागू होना
भारत को 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता तो प्राप्त हुई, लेकिन उस समय देश के पास अपना स्वयं का संविधान नहीं था। आज़ादी के बाद शुरुआती वर्षों में भारत का शासन ब्रिटिश कालीन कानूनों के अनुसार ही चलाया गया। इसी कमी को दूर करने के लिए संविधान सभा का गठन किया गया, जिसमें देश के विद्वानों, नेताओं और कानूनी विशेषज्ञों ने मिलकर एक ऐसे संविधान का निर्माण किया, जो भारत की विविधता और लोकतांत्रिक मूल्यों को प्रतिबिंबित करे। कई वर्षों की गहन चर्चा और विमर्श के बाद 26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान को अंगीकार किया गया। अंततः 26 जनवरी 1950 को संविधान पूरे देश में लागू हुआ और भारत एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य बना। इसी ऐतिहासिक परिवर्तन की स्मृति में गणतंत्र दिवस को भारतीय लोकतंत्र की आधारशिला के रूप में मनाया जाता है।

File:Constitution-Day.jpg

26 जनवरी के चयन के पीछे पूर्ण स्वराज आंदोलन की भूमिका
26 जनवरी की तिथि केवल संवैधानिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और भावनात्मक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। 26 जनवरी 1930 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज की घोषणा की थी, जिसका नेतृत्व पंडित जवाहरलाल नेहरू ने किया। इस घोषणा के बाद देशभर में स्वतंत्रता की मांग और अधिक प्रबल हो गई और यह दिन स्वतंत्रता आंदोलन का प्रतीक बन गया। जब संविधान लागू करने की तिथि तय करने का प्रश्न आया, तो नेताओं ने इस ऐतिहासिक दिन को चुना, ताकि स्वतंत्रता संग्राम की भावना और लोकतांत्रिक भविष्य के बीच गहरा संबंध स्थापित किया जा सके। इस प्रकार 26 जनवरी भारत के संघर्ष और स्वशासन—दोनों का प्रतीक बन गया।

नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड की भव्य परंपरा
गणतंत्र दिवस समारोह का सबसे आकर्षक और भव्य दृश्य नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली परेड होती है। इस परेड में भारत के राष्ट्रपति राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं और तीनों सेनाओं की सलामी स्वीकार करते हैं। परेड के दौरान अनुशासित मार्च-पास्ट, सुसज्जित मंच और संगठित कार्यक्रम भारत की राष्ट्रीय शक्ति और गरिमा को प्रदर्शित करते हैं। यह परंपरा न केवल देश की सैन्य और सांस्कृतिक क्षमता को दर्शाती है, बल्कि नागरिकों को संविधान और राष्ट्र के प्रति सम्मान और गर्व की अनुभूति भी कराती है।

परेड में भारत की सैन्य शक्ति और सुरक्षा तैयारियों का प्रदर्शन
गणतंत्र दिवस परेड के माध्यम से भारत अपनी सैन्य शक्ति और सुरक्षा तैयारियों का सशक्त प्रदर्शन करता है। थल सेना, नौसेना और वायु सेना के सुसंगठित दल आधुनिक हथियारों, टैंकों और मिसाइल प्रणालियों के साथ परेड में शामिल होते हैं। सैनिकों का अनुशासित कदमताल देश की रक्षा व्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है। परेड के अंतिम चरण में भारतीय वायुसेना द्वारा किया गया फ्लाईपास्ट आकाश में तिरंगे के रंग बिखेरते हुए देशवासियों के मन में गर्व, विश्वास और सुरक्षा की भावना उत्पन्न करता है।

File:Soldiers parade on camelback during the Republic Day Parade in New Delhi, India.jpg

सांस्कृतिक कार्यक्रम और राज्यों की झांकियों में ‘एकता में विविधता’
गणतंत्र दिवस परेड में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियाँ भारत की सांस्कृतिक विविधता का जीवंत चित्र प्रस्तुत करती हैं। इन झांकियों में लोकनृत्य, पारंपरिक परिधान, ऐतिहासिक घटनाएँ, सांस्कृतिक धरोहर और विकास योजनाएँ दर्शाई जाती हैं। प्रत्येक झांकी अपने क्षेत्र की विशिष्ट पहचान को सामने लाती है, जिससे “एकता में विविधता” की भावना और अधिक मजबूत होती है। यह दृश्य न केवल दर्शकों को आकर्षित करता है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक समृद्धि पर गर्व करने का अवसर भी देता है।

वीरता पुरस्कार और राष्ट्र सेवा के सम्मान
गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्वारा वीरता पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं, जो देश के उन वीर सैनिकों और नागरिकों को सम्मानित करते हैं जिन्होंने साहस, त्याग और निस्वार्थ सेवा का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया है। ये पुरस्कार केवल सम्मान नहीं, बल्कि उन बलिदानों की स्मृति हैं, जिनके कारण देश सुरक्षित और सशक्त बना हुआ है। इन सम्मान समारोहों से युवाओं को देशसेवा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा मिलती है।

File:Daredevils at Republic Day 2025.jpg

लोकतंत्र, संविधान और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक पर्व
गणतंत्र दिवस भारतीय संविधान में निहित मूल्यों—न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व—को याद करने और उन्हें जीवन में अपनाने का अवसर प्रदान करता है। यह पर्व नागरिकों को उनके अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी बोध कराता है। देशभर में आयोजित ध्वजारोहण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और समारोह राष्ट्रीय एकता, लोकतांत्रिक चेतना और देशभक्ति की भावना को सुदृढ़ करते हैं। इस प्रकार गणतंत्र दिवस केवल अतीत का स्मरण नहीं, बल्कि भविष्य के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी का भी प्रतीक है।

संदर्भ :-
https://tinyurl.com/bdfe97nv 
https://tinyurl.com/398cevjf 
https://tinyurl.com/m3bk7fnb 

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