बिहार स्कूल ऑफ योग: जानिए क्यों मुंगेर बना दुनिया के लिए अध्यात्म और योग का केंद्र?

गतिशीलता और व्यायाम/जिम
31-07-2026 06:05 PM
बिहार स्कूल ऑफ योग: जानिए क्यों मुंगेर बना दुनिया के लिए अध्यात्म और योग का केंद्र?

आज जैसे-जैसे लोग स्वस्थ जीवनशैली को अपना रहे हैं, सभी का ध्यान योग की तरफ जा रहा है। योग निस्संदेह ही स्वस्थ जीवन की कुंजी है। चलिए आज योग के बारे में जानते हैं, जिसका हमारे मुंगेर शहर से गहरा संबंध है।

वास्तव में, अपने शरीर, मन और श्वास की देखभाल करना ही योग है। इसका अर्थ यह है कि इस सदियों पुराने अभ्यास में योग आसन (आसन), श्वास की तकनीक (प्राणायाम) और ध्यान शामिल हैं। इनके माध्यम से शरीर, मन और श्वास एक-दूसरे के साथ सामंजस्य में आते हैं, और उसी क्षण योग घटित होता है। योग जीवन का अध्ययन है। यह हमारे शरीर, श्वास, मन, बुद्धि, स्मृति और अहंकार का अध्ययन है। सरल शब्दों में योग एक ऐसी तकनीक है, जो हमारे शरीर, मन और आत्मा को जोड़ती है। ‘योग’ शब्द, संस्कृत भाषा के "युज" शब्द से बना है, जिसका अर्थ "जोड़ना या एकीकृत करना" है।

क्या आप जानते हैं कि योग, 5,000 वर्षों से भी अधिक पुराना भारतीय ज्ञान का भंडार है। योग की केंद्रीय शिक्षा, मन की समतावादी स्थिति को बनाए रखना है, अर्थात किसी भी कार्य को जागरूकता के साथ करने में सक्षम होना। योग के प्रणेता पतंजलि जी के अनुसार, "योग का उद्देश्य, दुख होने से पहले ही उसे रोकना है।" चाहे वह लोभ हो, क्रोध हो, ईर्ष्या हो, घृणा हो या निराशा हो, इन सभी नकारात्मक भावनाओं को योग के माध्यम से ठीक या पुनर्गठित किया जा सकता है। योग कर्म और अभिव्यक्ति में एक कुशलता है।

एक अभ्यास के रूप में योग के अनगिनत लाभ हैं, जो किसी व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक स्तर पर सकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं। इस प्रकार, निम्नलिखित चीजों पर योग काम करता है:

1. योग आपके रक्त परिसंचरण में सुधार करता है। इससे हमारे पूरे शरीर में ऑक्सीजन और पोषक तत्वों का बेहतर परिवहन होता है। बेहतर रक्त प्रवाह, स्वस्थ अंगों का संकेत देता है। उचित ऑक्सीजन आपूर्ति के कारण उच्च रक्तचाप प्रबंधित भी होता है।

2. योग हमें नियंत्रण एवं संतुलन करना भी सिखाता है। नियमित योग अभ्यास से हमारा शरीर सही मुद्रा अपनाता है, जिससे हम आत्मविश्वासी और स्वस्थ दिखते हैं।

3. नियमित योग अभ्यास करने से, हमारी मनःस्थिति तुरंत बेहतर हो जाती है, क्योंकि यह हमारे शरीर को ताज़ा ऊर्जा से भर देता है।

4. योग अभ्यास से हमारे शरीर से विषाक्त पदार्थ तथा मुक्त कण (फ्री रेडिकल्स) बाहर निकलते हैं। यह, अन्य लाभों के अलावा, बुढ़ापे को टालने में भी मदद करता है। योग तनाव से भी राहत देता है, जो बुढ़ापे को मात देने वाला एक और कारक है।

5. योग शरीर के खिंचाव को कम करके, इसे आराम देता है। जब शरीर शिथिल होता है, तो नाड़ी की दर कम हो जाती है। कम नाड़ी दर का अर्थ है कि हमारा दिल कम धड़कनों के अंतराल में अधिक रक्त प्रवाह करने के लिए मजबूत है।

6. योग में हम अपनी ताकत बढ़ाने के लिए अपने ही शरीर के वजन का उपयोग करते हैं। यह शक्ति प्रशिक्षण (स्ट्रेंथ ट्रेनिंग) का एक विस्मयकारी तरीका है।

7. योग के दौरान थोड़ा सा मुड़ना, झुकना और नियंत्रित श्वास हमें चिंता पर काबू पाने में मदद करते हैं। इससे अवसाद (डिप्रेशन) से भी दूर रहा जा सकता है।

8. योग में नियंत्रित श्वास प्रक्रिया शामिल है। इसमें हमारे फेफड़ों को उनकी पूरी क्षमता तक श्वास से भरना शामिल है, जिससे वे अधिक कुशलता से काम कर पाते हैं।

9. जब हम योग का अभ्यास करते हैं, तो हमारे आंतरिक अंगों की मालिश होती है, जिससे बीमारियों के प्रति हमारी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। चूंकि, योग शरीर की हर कोशिका को ठीक करने और बढ़ाने की दिशा में काम करता है, इसलिए हमारे शरीर की प्रतिरक्षा (इम्युनिटी) बढ़ती है।

10. नियमित योगाभ्यास करने से हमें अपने शरीर के प्रति जागरूक होने में मदद मिलेगी। समय के साथ, योग हमें अपने शरीर में सहज होने में मदद करता है।

11. नियमित रूप से योग करने से, हमारा पाचन तंत्र सक्रिय होता है और अपच, कब्ज तथा गैस जैसी पेट से जुड़ी अन्य बीमारियां खत्म हो जाती हैं। योग चयापचय (मेटाबॉलिज्म) को भी नियंत्रण में रखता है। आदर्श वजन हासिल करने के लिए संतुलित चयापचय आवश्यक है।

12. योग हमारे मन को पूरी तरह से शांत करने में मदद करता है और अनावश्यक तनाव को कम करने में मदद करता है। इससे बेहतर नींद आती है।

13. जब हम नियमित रूप से योग का अभ्यास करते हैं, तो हमारा मन अपने शरीर के साथ मिलकर काम करने लगता है। यह गतिशीलता और शालीनता को बढ़ाता है। साथ ही, नियमित योगाभ्यास से हमारे तंत्रिका तंत्र के कई हार्मोन स्थिर हो जाते हैं। यह हमें अधिक सकारात्मक बनने में मदद करता है।

14. योग, हमें क्रोध पर नियंत्रण हासिल करने तथा आत्मविश्वासी बनाने में मदद करता है, जिससे अंततः बेहतर एकाग्रता एवं प्रेरणा प्राप्त होगी।

ऐसे अतुल्य योग का प्रचार-प्रसार करने में, हमारा मुंगेर शहर अग्रणी है। दरअसल, गंगा दर्शन विश्व योगपीठ, मुंगेर में स्थित बिहार स्कूल ऑफ योग, श्री सत्यानंद सरस्वती जी की कर्मभूमि है। इसे उन्होंने 21वीं सदी में योग पुनर्जागरण का केंद्र बिंदु चुना था। मुंगेर में ही श्री स्वामी सत्यानंद जी को यह बोध हुआ था कि वे अपने गुरु - श्री स्वामी शिवानंद सरस्वती के आदेश को पूरा करेंगे। इस प्रकार, उन्होंने योग के प्रकाश का प्रसार करके मानव चेतना के उत्थान के लिए खुद को समर्पित किया।

मुंगेर में पचास वर्षों से भी पहले जलाई गई योग की यह अखंड ज्योति आज भी बरकरार है, क्योंकि ‘योग आज की संस्कृति है’। बिहार स्कूल ऑफ योग, एक आध्यात्मिक प्रकाशस्तंभ है, जो सभी लोगों के लाभ के लिए योग के प्राचीन ज्ञान को आलोकित, प्रकट और शिक्षित कर रहा है।

प्राचीन परंपराओं और प्रथाओं को बनाए रखते हुए, बिहार स्कूल ऑफ योग की शिक्षाएं आधुनिक जीवन में सरलता, सद्भाव और संतुलन लाने के लिए व्यावहारिक तकनीक और तरीके प्रदान करती हैं। यह एक जीवनशैली है, जो मानव व्यक्तित्व और प्रकृति के पूर्ण एकीकरण का अनुभव प्रदान करती है।

योग के प्रचार और विकास में उत्कृष्ट योगदान के लिए बिहार स्कूल ऑफ योग को 21 जून 2019 को 'प्रधानमंत्री पुरस्कार' (राष्ट्रीय संस्थान श्रेणी) से सम्मानित किया गया। बिहार स्कूल ऑफ योग का वर्तमान कार्य योग विद्या की खोज और संरक्षण के लिए समर्पित है, जो मानव विकास और विकासक्रम के लिए प्राचीन ज्ञान को प्रकट करने के लिए शास्त्र ग्रंथों और शास्त्रीय शिक्षाओं की गहराई में जा रहा है।

यह प्रयास आज काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि आजकल ‘योग पर्यटन’ काफी बढ़ रहा है। योग पर्यटन, योग के किसी रूप का अनुभव करने के विशिष्ट उद्देश्य से की जाने वाली यात्रा है। यह यात्रा आध्यात्मिक या मुद्रा संबंधी हो सकती है। योग पर्यटक, अक्सर योग का अध्ययन करने या योग शिक्षक के रूप में प्रशिक्षित और प्रमाणित होने के लिए भारत में आश्रमों का दौरा करते हैं। योग पर्यटन के प्रमुख केंद्रों में ऋषिकेश और मैसूर शामिल हैं।

जबकि हिमालय योग का जन्मस्थान और एक प्रमुख योग पर्यटन स्थल है, कई देशों में योग रिट्रीट और छुट्टियां प्रदान की जाती हैं, जो गेस्टहाउस और आश्रमों में साधारण प्रवास से लेकर लक्जरी रिसॉर्ट्स में 5-सितारा हॉटल में भी हो सकती हैं। सरल शब्दों में, योग पर्यटन में लोग अपने स्वास्थ्य और खुशहाली के लिए यात्रा पर जाना चुनते हैं। इस संदर्भ में, ताकत, लचीलेपन और शारीरिक दर्द से राहत जैसे लाभ और तनाव में कमी जैसे मानसिक लाभ पाने के लिए योग का सहारा लिया जाता है।

 

संदर्भ

1. https://tinyurl.com/msmv8sbe 

2. https://tinyurl.com/yssmuw4m 

3. https://tinyurl.com/ypunmwzp 

4. https://tinyurl.com/ynskxspp 

5. https://tinyurl.com/ms34nbmm 

6. https://tinyurl.com/3a7sz3hc 

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