उपमान - तुलना द्वारा ज्ञान
ChatGPT/Gemini/Claude से भी तुलना करें
आप अधिकतम 5 आंकड़ों का चयन कर सकते हैं.
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आप 2 से 5 भौगोलिक क्षेत्रों का चयन कर सकते हैं।.
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ज्ञान, सूचना (डेटा/तथ्य) को समझने और उसका उपयोग करने से प्राप्त होता है। किसी भी ज्ञान को उसकी सूचना के स्रोत के आधार पर तीन वर्गों में बाँटा जा सकता है – प्रमाण (Evidence) आधारित, अनुमान (Estimation) आधारित, और उपमान (Comparison) आधारित। भारतीय तर्कशास्त्र ज्ञान को चार रूपों में बाँटता है – प्रमाण, अनुमान, उपमान, और एक अतिरिक्त अप्रत्याक्ष रूप, जिसे शब्द-ज्ञान (Shabda-Gyan) कहा जाता है।
प्रारंग (Prarang) का उपमान एक ऐसा उपकरण है, जो तुलना के माध्यम से ज्ञान प्राप्त करने में मदद करता है। इस उपकरण के मूल में है प्रारंग का विश्लेषण (Analytics), जिसमें सूचना को भरोसेमंद वैश्विक और राष्ट्रीय आंकड़ा स्रोतों से प्रमाण के रूप में वर्गीकृत और अनुमान के रूप में रूपांकित किया गया है। प्रारंग स्वयं कोई सर्वेक्षण नहीं करता।
उपमान चार परतों में आधारित तुलना के ज़रिये नए दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है:
देशों, राज्यों, ज़िलों और शहरों के बीच तुलना की जा सकती है। यह उपकरण असामान्य (जैसे अंग्रेज़ी में कहते हैं: "सेब और संतरे की तुलना") प्रकार की भौगोलिक तुलना के लिए भी उपयोग किया जा सकता है। उदाहरण के लिए – शहर/ज़िला बनाम देश। अधिकतम 5 भौगोलिक इकाइयों को एक साथ चुना जा सकता है।
प्रारंग के विश्लेषण की मूल पहचान उसकी विशिष्ट स्थान-निर्धारण प्रणाली है। 195 देशों के सभी पारंपरिक आंकड़ेों को ऊपर से नीचे तक क्रमानुसार स्थान दिया गया है, साथ ही औसत (समानता) से उनके विचलन के आधार पर भी स्थान तय किया गया है। इसी तरह भारत के लगभग 800 शहरों/ज़िलों के पारंपरिक आंकड़ेों को भी इसी प्रकार से स्थान अनुसार क्रमबद्ध किया गया है।
अपरंपरागत तुलनाएँ नए दृष्टिकोण प्रदान करती हैं। उपमान आपको यह सुविधा देता है कि आप एक देश में सेब के उत्पादन की तुलना दूसरे देश में संतरे के उत्पादन से करें, और/या तीसरे देश में सोने के उत्पादन से भी! एक समय में अधिकतम 5 भिन्न आंकड़े चुने जा सकते हैं।
प्रारंग के उपमान द्वारा तैयार की गई तुलना को एक ही अनुदेश निर्देश पर, मेटा (Meta) के लामा (Llama), गूगल (Google) के जेमिनी (Gemini) , माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) के चैटजीपीटी (ChatGPT) और अन्य एजीआई (जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) प्रणालियों के निष्कर्ष से भी एक क्लिक (click) में तुलना की जा सकती है।
उपमान द्वारा की गई आपकी तुलना आधारित शोध को आसानी से सहेजा जा सकता है और/या दूसरों के साथ साझा किया जा सकता है।
अनुदेश एक प्रश्न, आदेश या कथन होता है, जिसका उपयोग मानव और आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस) मॉडल (GenAI Model) के बीच संवाद के लिए किया जाता है, ताकि वह इच्छित परिणाम (आउटपुट- output) उत्पन्न कर सके। एक ही अनुदेश को कैसे व्यक्त किया गया है, इसके आधार पर आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस मॉडल कई प्रकार के परिणाम प्रदान कर सकता है। अनुदेश का उद्देश्य मॉडल को पर्याप्त जानकारी देना होता है, ताकि वह उस अनुदेश के अनुरूप प्रासंगिक परिणाम उत्पन्न कर सके।
उपमान आपको कुछ भौगोलिक क्षेत्रों और कुछ मापने योग्य पहलुओं (विश्व और देश स्तर के विविध आँकड़ों में से) के चयन में सहायता करके आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस के लिए अधिक सटीक और अर्थपूर्ण अनुदेश तैयार करने में मदद करता है।
सूचना ज्ञान नहीं है। ज्ञान बुद्धिमत्ता नहीं है। बुद्धिमत्ता विवेक नहीं है।
सूचनावह डेटा और तथ्य होते हैं, जो व्यवस्थित और संगठित रूप में उपयोगी होते हैं। जब इन सूचनाओं और संबंधित अवधारणाओं को समझा जाता है, तो वह ज्ञान बनता है। ज्ञान का सही समय और स्थान पर प्रयोग करना ही बुद्धिमत्ता कहलाता है। अनुभव और अर्जित ज्ञान के व्यापक समझ को जब आत्म और समाज के कल्याण के लिए उपयोग किया जाए, तो वह विवेक कहलाती है।
जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जो लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (एलएलएम - LLM) का उपयोग करता है, सूचना को दोबारा स्वरूपित और संरचित करने की एक विधि है, जिसमें शब्दों और उनके प्रयोग के आंकड़ों पर आधारित एक नई भाषा/वाक्य परत जोड़ी जाती है। यह प्रक्रिया मूल रूप से सूचना से ज्ञान उत्पन्न करने के चरण को छोड़ती प्रतीत होती है। इसलिए, जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस "जानने" की प्रक्रिया से बचता है। इसके स्थान पर, यह किसी प्रश्न या अनुदेश के आधार पर तुरंत उत्तर देने का प्रयास करता है — और किसी हद तक मानवीय “तर्क” की नकल भी करता है।
अत्यधिक संगणना क्षमता का उपयोग करते हुए, जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से उस स्थिति की ओर बढ़ रहा है, जहाँ वह मानवता की सारी ज्ञात डिजिटाइज़्ड (digitized) सूचना और सभी ज्ञात भाषाओं को याद रख सके — और इन दोनों को जोड़ने की एक मानव-निर्मित क्षमता प्राप्त कर सके। यही इंसान द्वारा बनाए गए कोड (code) और एल्गोरिदम (algorithm) हैं, जहाँ से पक्षपात (bias) और ग़लतियाँ (errors) पैदा हो रही हैं।
प्रारंग का उपमान अपने उपयोगकर्ताओं के लिए तुलना द्वारा ज्ञान निर्माण पर केंद्रित है। यह अभी जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नहीं है, हालांकि यह जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इनपुट अनुदेश (input prompt) की नकल करता है और इसके आउटपुट (output) की तुलना उसी अनुदेश पर जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आउटपुट से की जा सकती है। जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उपमान — दोनों ही अभी विकास के चरण में हैं। इनमें मुख्य अंतर निम्नलिखित है:
| जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (GenAI) | उपमान तुलना द्वारा ज्ञान |
|
|---|---|---|
| अनुदेश इनपुट | कोई भी प्रश्न लिख सकते हैं | कुछ भौगोलिक क्षेत्र और कुछ मापनीय संकेतक (Metric) चुनने होते हैं, तभी उपमान पाठ तैयार करता है |
| अनुदेश आउटपुट | निर्देशानुसार पाठ, आंकड़े और चित्र | निर्देशानुसार केवल पाठ और आंकड़े |
| कभी-कभी पाठ या आंकड़ों में भ्रम या त्रुटियाँ होती हैं | कोई भ्रम नहीं होता | |
| अपने आंकड़ों के स्पष्ट स्रोत नहीं देता | हमेशा स्रोत और वर्ष स्पष्ट रूप से बताता है | |
| आर्किटेक्चर | जनरेटिव A.I. (Generative AI) | ट्रेडिशनल A.I. (Traditional AI) |
| लार्ज लैंग्वेज मॉडल (Large Language Model - LLM) | स्माल लैंग्वेज मॉडल (Language Localisation रूपांकित) | |
| डेटा स्रोत – स्क्रीन-स्क्रैपिंग, लेकिन बिना स्रोत उद्धरण के | विश्वसनीय स्रोतों से बड़ा आंकड़ा एकत्रण | |
| प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण (NLP), पश्चिमी भाषाविज्ञान आधारित | विश्लेषण – भारतीय भाषाविज्ञान (तर्कशास्त्र) आधारित | |
| शब्द को टोकन के रूप में – अत्यधिक गणना शक्ति की आवश्यकता | ध्वनि इकाई (Phoneme) को टोकन के रूप में – विकासाधीन, गणना शक्ति की आवश्यकता अज्ञात | |
| चित्र – पहचान और निर्माण: GANS और डिफ्यूजन मॉडल्स | चित्र – विकासाधीन |