जानें, आधुनिक सैन्य अभियानों में सटीकता व दक्षता में सुधार के लिए ड्रोन का महत्व

हथियार और खिलौने
06-05-2026 09:47 AM
जानें, आधुनिक सैन्य अभियानों में सटीकता व दक्षता में सुधार के लिए ड्रोन का महत्व

लखनऊवासियों आज हम पता लगाएंगे कि, ड्रोन (Drone) आधुनिक सैन्य अभियानों को कैसे बदल रहे हैं। फिर हम समझेंगे कि, सटीकता और दक्षता में सुधार के लिए एआई डेटा (AI Data) और सिमुलेशन (Simulation) का उपयोग करके, ड्रोन को कैसे प्रशिक्षित किया जाता है। लेख में आगे बढ़ते हुए, हम रशिया-यूक्रेन (Russia-Ukraine) युद्ध में ड्रोन की भूमिका की जांच करेंगे। इसके पश्चात, हम देखेंगे कि अमेरिकी सेना द्वारा विश्लेषण और निर्णय लेने हेतु, एंथ्रोपिक (Anthropic) द्वारा विकसित एआई टूल्स का उपयोग कैसे किया जा रहा है। अंततः हम पढ़ेंगे कि, पैलांटिर (Palantir) स्वायत्त ड्रोन मिशन और सैन्य प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने में कैसे योगदान दे रहा है।

आज वैश्विक सैन्य रणनीतियां जैसे-जैसे विकसित हो रही हैं, ड्रोन तकनीक अपनी परिवर्तनकारी क्षमता के साथ विभिन्न क्षेत्रों में योगदान दे रही है। ड्रोन अब आधुनिक युद्ध और राष्ट्रीय रक्षा में भी अपरिहार्य उपकरण बन गए हैं। निम्नलिखित उपायों के माध्यम से हम सेना में ड्रोन की उपयोगिता जान सकते हैं।

1. खुफिया जानकारी, निगरानी और परीक्षण
दुश्मन के इलाकों या संघर्ष-प्रवण क्षेत्रों पर ड्रोन उपरोक्त क्षमताएं प्रदान करते हैं। ड्रोन की उच्च-रिज़ॉल्यूशन इमेजिंग (High-resolution imaging), थर्मल सेंसर (Thermal sensors) और रात्रि-दृष्टि क्षमताएं, सैनिकों को भौतिक तैनाती के बिना खुफिया जानकारी इकट्ठा करने की अनुमति देती हैं। ड्रोन रणनीतिक क्षेत्रों पर उड़ते हैं, निरंतर स्थितिजन्य जागरूकता प्रदान करते हैं, और तेज़ एवं डेटा-समर्थित निर्णय लेने में मदद करते हैं।

2. लक्ष्य प्राप्ति और ट्रैकिंग (Tracking)
आधुनिक युद्धक्षेत्रों में गति और सटीकता महत्वपूर्ण हैं। सैन्य अभियानों में प्रयुक्त ड्रोन स्वायत्त रूप से हलचल या लक्ष्यों की पहचान और उन्हें ट्रैक कर सकते हैं। इससे लंबे अवलोकन की आवश्यकता कम हो जाती है। वे न्यूनतम मानवीय त्रुटि के साथ दिशादर्शक बनकर, तोपखाने की आग के लिए भी दिशा दिखा सकते हैं।

3. सीमा निगरानी
संवेदनशील सीमा क्षेत्रों की निरंतर निगरानी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण होती है। ड्रोन सीमा इलाके के बड़े हिस्से में गश्त करते हैं, और अनधिकृत गतिविधियों का पता लगाते हैं। दुर्गम या ऊबड़-खाबड़ इलाकों में, ड्रोन पारंपरिक निगरानी तरीकों से बेहतर प्रदर्शन करते हैं ।इससे नेटवर्क क्षेत्र अधिक और सुरक्षा बेहतर मिलती है।

4. खोज एवं बचाव ऑपरेशन
प्राकृतिक आपदाओं के बाद या युद्धकालीन परिदृश्यों में, लापता कर्मियों को शीघ्रता से ढूंढना काफ़ी ज़रूरी होता है। थर्मल सेंसर और वास्तविक समय संचार प्रणालियों से लैस ड्रोन, विशाल क्षेत्रों को स्कैन कर सकते हैं और ऊष्मा संकेतों की पहचान कर सकते हैं। इस प्रकार, बचाव इकाइयों को निर्देशित करने में वे सहायता कर सकते हैं।

5. मानव जोखिम को कम करना
जिन मिशनों को परंपरागत रूप से जमीन या हवाई सैन्य तैनाती की आवश्यकता होती है, उन्हें ड्रोन की सहायता से अब दूर से निष्पादित किया जा सकता है। विवादित क्षेत्रों, खदान क्षेत्रों, या रासायनिक रूप से खतरनाक क्षेत्रों की निगरानी के लिए अब सीधे सैन्य भागीदारी की आवश्यकता नहीं है। ड्रोन परिचालन जोखिम और संचालन तनाव दोनों को कम करते हैं।

ड्रोन तकनीक, आज तेजी से आगे बढ़ते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) की सहायता से भी मौलिक रूप से बदल रही है। केवल मानव पायलटों (pilot) पर निर्भर रहने के बजाय, आज ड्रोन हवा में कुछ सीखने, अनुकूलन करने और वास्तविक समय पर निर्णय लेने में सक्षम हैं। इस बदलाव ने ड्रोन को कृषि, रसद, खनन और शहरी नियोजन जैसे उद्योगों में भी बुद्धिमान हवाई मित्रों के रूप में स्थापित किया है।

ड्रोन की स्वयं सीखने की क्षमता, निम्नलिखित तीन मुख्य प्रौद्योगिकियों द्वारा संभव बनाई गई है -

1. मशीन लर्निंग (Machine Learning) और कंप्यूटर विजन (Computer Vision)
एआई ड्रोन को कैमरों और सेंसरों से दृश्य डेटा की व्याख्या करने में सक्षम बनाता है। उदाहरण के लिए, वे एक पेड़, एक बिजली लाइन और एक इमारत के बीच अंतर कर सकते हैं। इससे उनको सुरक्षित एवं अधिक सटीक चालन की अनुमति मिलती है।

2. सेंसर फ्यूजन (Sensor fusion)
आधुनिक ड्रोन जीपीएस (GPS), एलआईडीएआर (LIDAR), इन्फ्रारेड (Infrared) और अल्ट्रासोनिक सेंसर (Ultrasonic sensor) से इनपुट को जोड़ते हैं। एआई एल्गोरिदम (AI Algorithm), पर्यावरण के सटीक व वास्तविक समय मॉडल (Time model) बनाने हेतु इस डेटा को संयोजित करते हैं।

3. पूर्वानुमानित विश्लेषण
स्व-प्रशिक्षण की क्षमता वाले ड्रोन, जोखिमों और परिणामों की भविष्यवाणी कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि हवा का पैटर्न अचानक बदल जाता है, तो ड्रोन अपने मार्ग को स्वायत्त रूप से समायोजित कर लेता है। इससे विफलता की संभावना कम हो जाती है।

ड्रोन की इन विशेषताओं के कारण, इनका उपयोग आज वास्तविक युद्ध क्षेत्रों में आम बनता जा रहा है। हम जानते ही हैं कि, पिछले कुछ वर्षों से रशिया और यूक्रेन देशों के बीच युद्ध चल रहा है। इस संघर्ष में, जिसे दुनिया के पहले ड्रोन युद्ध के रूप में जाना जा रहा है, कुछ उल्लेखनीय घटनाओं में से एक फाइबर-ऑप्टिक ड्रोन (Fiber-optic drones) का उपयोग है। रशिया के कुर्स्क (Kursk) क्षेत्र में यूक्रेन की सीमा पार घुसपैठ के जवाब में, पहली बार अगस्त 2024 में फाइबर-ऑप्टिक ड्रोन उभरे थे। फाइबर-ऑप्टिक ड्रोन एक काफ़ी पतली केबल से लैस होते हैं, जो इसके ऑपरेटर (Drone Operator) तक वापस जाती है। यह तार रेडियो सिग्नल (radio signal) पर निर्भर होने के बजाय भौतिक संबंध बनाए रखती है। इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों को जाम करने के लिए, कोई रेडियो लिंक न होने के कारण, फाइबर-ऑप्टिक ड्रोन उन क्षेत्रों में काम कर सकते हैं, जहां पारंपरिक ड्रोन विफल होते हैं। ये ड्रोन सटीकता और स्पष्ट वीडियो के साथ 30 किलोमीटर से भी अधिक दूरी पर हमला करने में सक्षम है।

File:Valiant Mark 25- U S Marines and Singapore Guardsmen conduct a UAS operation in preparation for the FTX (8942911).jpg

कुर्स्क में, यूक्रेन की घुसपैठी के जवाब में फाइबर-ऑप्टिक ड्रोन ने उस क्षेत्र में यूक्रेन की उपस्थिति को लगातार अस्थिर बनाने में मदद की। अंततः मार्च 2025 में यूक्रेनी सेनाएं सीमा पार वापस चली गईं। आश्चर्यजनक रूप से, रशिया के फाइबर-ऑप्टिक ड्रोन हमलों ने अभूतपूर्व वाहन हानि में योगदान दिया। इससे कुर्स्क में यूक्रेन को रशिया की तुलना में 25% अधिक वाहन हानि हुई।

युद्ध में ड्रोन एवं एआई के बढ़ते उपयोग से कुछ अन्य पहलू भी सामने आ रहे हैं। अमेरिकी एआई कंपनी - एंथ्रोपिक अपने सॉफ्टवेयर के दुरुपयोग को रोकने के लिए, एक रासायनिक हथियार और विस्फोटक विशेषज्ञ को नियुक्त करना चाह रही है। एंथ्रोपिक को डर है कि, उसके एआई उपकरण किसी को रासायनिक या रेडियोधर्मी हथियार बनाने का तरीका बता सकते हैं। इस प्रकार के हथियारों के साथ एआई के उपयोग के लिए, कोई अंतरराष्ट्रीय संधि या अन्य विनियमन नहीं है।

एआई उद्योग ने अपनी प्रौद्योगिकी से उत्पन्न संभावित अस्तित्वगत खतरों के बारे में लगातार चेतावनी दी है। लेकिन, इस प्रगति को धीमा करने का कोई प्रयास नहीं किया गया है। यह मुद्दा इसलिए अत्यावश्यक बन गया है, क्योंकि अमेरिकी सरकार ने ईरान (Iran) में युद्ध और वेनेजुएला (Venezuela) में सैन्य अभियान शुरू करते समय एआई कंपनियों को बुलाया है। हालांकि, अमेरिकी सरकार ने कहा है कि, अमेरिकी सेना तकनीकी कंपनियों द्वारा शासित नहीं होगी। एंथ्रोपिक का एआई सहायक - क्लाड (Claude) अभी तक चरणबद्ध तरीके से समाप्त नहीं किया गया है, और वर्तमान में पैलांटिर द्वारा प्रदान किए गए सिस्टम में मौजूद है। यह अमेरिका-इज़राइल–ईरान युद्ध में अमेरिका द्वारा तैनात किया जा रहा है।

एक तरफ, आधुनिक युद्धक्षेत्र में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (Global Positioning System) या जीपीएस (GPS) पर भरोसा नहीं किया जा सकता। कुछ युद्ध परिदृश्यों में जीपीएस सिग्नल जाम होने, स्पूफिंग (Spoofing) या पूरी तरह से अस्वीकार होने के प्रति संवेदनशील होते हैं। उन्नत इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमताओं वाले प्रतिद्वंद्वी, आसानी से जीपीएस सिग्नल को बाधित कर सकते हैं। इससे ड्रोन अपना रास्ता भटक सकते हैं, या दुश्मन के हाथों में भी जा सकते हैं। इन स्थितियों में रेडियो नियंत्रण का उपयोग भी उतना ही खतरनाक है, क्योंकि इसका जल्द ही पता लगता है। इसके अतिरिक्त, शत्रुतापूर्ण वातावरण में लंबी दूरी के संचालन में अक्सर कमजोर या टूटे हुए सिग्नल होते हैं, जिससे ड्रोन की परिचालन सीमा और प्रभावशीलता सीमित हो जाती है।

इस चुनौती से निपटने के लिए, पैलांटिर ने विज़ुअल नेविगेशन (वीएनएवी – Visual Navigation) बनाया है। यह एक नया समाधान है, जो अप्रभावी जीपीएस वाले क्षेत्रों में स्वायत्त ड्रोन मिशनों को सक्षम करने के लिए पैलांटिर इंटेलिजेंस और सॉफ्टवेयर को ऑनबोर्ड लाता है। यह जीपीएस या रेडियो नियंत्रण संकेतों से पूरी तरह से स्वतंत्र संचालन प्रदान करता है। दरअसल, विज़ुअल नेविगेशन ड्रोन को मानचित्र पढ़कर संचालित करने देता है। इसकी शक्ति को प्रदर्शित करने में मदद के लिए, पैलांटिर ने फ्लाईबी रोबोटिक्स (Flyby Robotics) के साथ साझेदारी की है।

अतः वैश्विक संघर्षों के इस दौर में, यह देखना रोमांचक होगा कि, नई प्रौद्योगिकियां सैन्य अभियानों को कैसे बदल सकती हैं।

संदर्भ

1. https://tinyurl.com/bp22z8n4 
2. https://tinyurl.com/2zsnucz5 
3. https://tinyurl.com/36k4p3n7 
4. https://tinyurl.com/ynwdj9ck 
5. https://tinyurl.com/2dtwx9ue 

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