समय - सीमा 10
मानव और उनकी इंद्रियाँ 11
मानव और उनके आविष्कार 10
भूगोल 10
जीव-जंतु 10
भारत के इतिहास में 1947 महज़ कैलेंडर का एक साल नहीं, बल्कि एक नए दौर का आगाज़ था। यह वह ऐतिहासिक मोड़ था जहाँ पुरानी 'रियासत' का युग समाप्त हुआ और 'गणतंत्र' की बुनियाद रखी गई। अगर हम शाहजहाँपुर के नज़रिए से देखें, तो एक 'आधुनिक राज्य' का सीधा अर्थ है, एक ऐसा निज़ाम जहाँ आम आदमी अब राजा की 'प्रजा' नहीं, बल्कि अधिकारों से लैस एक ज़िम्मेदार 'नागरिक' है। 15 अगस्त 1947 को आज़ादी के साथ ही शाहजहाँपुर के कामकाज और सामाजिक मिज़ाज में ज़बरदस्त बदलाव आए। जो शहर कभी रूह़ेला पठानों और नवाबों के साये में जीता था, वह अब भारतीय संविधान की मर्यादाओं से चलने लगा। इस बदलते सफ़र को हम तीन बड़े पैमानों पर देख सकते हैं: रक्षा उत्पादन, स्थानीय स्वशासन और आपदा प्रबंधन।
शाहजहाँपुर की शिनाख़्त (पहचान) बनाने में यहाँ की 'ऑर्डनेंस क्लोथिंग फ़ैक्ट्री' (OCFS) का अहम योगदान रहा है। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान 1914 में अलीपुर से शुरू हुई यह यूनिट 1925 तक पूरी तरह शाहजहाँपुर में स्थापित हो गई। आज़ादी के बाद, इस फ़ैक्ट्री ने भारतीय सेना की तीनों शाखाओं के लिए वर्दी और पैराशूट जैसे सामरिक सामान तैयार कर देश की सुरक्षा में मज़बूत भूमिका निभाई। यह संस्थान शाहजहाँपुर के लिए एक 'मिनी इंडिया' जैसा था, जहाँ देश के हर कोने से आए लोग एक साथ काम करते थे।
2021 के बाद इस फ़ैक्ट्री के स्वरूप में बड़ा बदलाव आया। केंद्र सरकार के 'निगमीकरण' (Corporatisation) के फ़ैसले के बाद अब यह 'ट्रूप कम्फ़र्ट्स लिमिटेड' (TCL) का हिस्सा बन गई है। यह बदलाव सिर्फ़ नाम का नहीं है, बल्कि अब यहाँ काम करने का तरीका एक कॉर्पोरेट कंपनी जैसा हो गया है। कानपुर मुख्यालय वाली यह संस्था अब 'फिक्स्ड टर्म' अनुबंधों पर भी विशेषज्ञों की भर्ती कर रही है, जो पुराने सरकारी ढांचे से अलग है। यह शाहजहाँपुर के युवाओं के लिए वैश्विक बाज़ार की चुनौतियों के अनुरूप ख़ुद को ढालने का एक संकेत है।
आज़ादी के कई दशकों बाद तक शहरों का प्रशासन पूरी तरह सरकारी अफ़सरों के नियंत्रण में था। लेकिन 1992 के 74वें संविधान संशोधन ने शहरों को अपनी 'सरकार' चुनने की ताक़त दी। इसी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का नतीजा है कि आज शाहजहाँपुर एक 'नगर निगम' के रूप में विकसित हो चुका है।
अब शहर का प्रशासन एक निर्वाचित बोर्ड चलाता है, जिसमें जनता द्वारा चुने गए पार्षद बैठते हैं। नगर आयुक्त और मेयर के नेतृत्व में चलने वाली यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि सफ़ाई, सड़क, स्ट्रीट लाइट और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे बुनियादी कामों के लिए जनता को लखनऊ या दिल्ली की ओर न ताकना पड़े। यह 'विकेंद्रीकरण' का वह रूप है जिसने सत्ता को वाक़ई गली-मुहल्लों तक पहुँचाया है।![]()
एक आधुनिक राज्य की पहचान उसके सुव्यवस्थित प्रशासनिक ढांचे से होती है। शाहजहाँपुर आज अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण एक प्रमुख केंद्र है। ज़िले को प्रशासनिक सुगमता के लिए 5 तहसीलों,सदर, पुवायाँ, तिलहर, जलालाबाद और कलान में बाँटा गया है। इसके अलावा 15 विकास खंड (ब्लॉक) सरकारी योजनाओं को गाँव-गाँव तक पहुँचाने का काम करते हैं। 1947 में श्री जगन्नाथ प्रसाद त्रिपाठी के पहले ज़िलाधिकारी बनने से लेकर वर्तमान में श्री धर्मेंद्र प्रताप सिंह तक, इस ज़िले ने एक लंबी प्रशासनिक निरंतरता देखी है, जिसने हर उतार-चढ़ाव में क़ानून का राज क़ायम रखा।
आर्थिक मोर्चे पर शाहजहाँपुर अब सिर्फ़ खेती तक सीमित नहीं है। गेहूँ और धान की लहलहाती फ़सलों के साथ-साथ यहाँ औद्योगिक विकास भी हुआ है। रोज़ा (Roza) स्थित रिलायंस का थर्मल पावर प्लांट और 'कृभको श्याम' जैसे बड़े संस्थान इस बात के गवाह हैं कि ज़िला अब औद्योगिक नक्शे पर भी अपनी जगह बना चुका है। हालाँकि 2011 की जनगणना के अनुसार 59.54% की साक्षरता दर यह याद दिलाती है कि शिक्षा के क्षेत्र में अभी और मंज़िलें तय करनी बाक़ी हैं।
आधुनिक राज्य की असली परीक्षा संकट के समय होती है। शाहजहाँपुर में गर्रा और खन्नौत नदियाँ अक्सर अपना रौद्र रूप दिखाती हैं। हाल के वर्षों (2024-25) में आई भीषण बाढ़ ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त किया, लेकिन 1947 के मुक़ाबले आज हमारा प्रशासन कहीं ज़्यादा मुस्तैद है। अब हम महज़ भाग्य के भरोसे नहीं बैठते, बल्कि एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें आधुनिक तकनीक और 'ज़िला आपदा प्रबंधन योजना' के तहत राहत कार्य संचालित करती हैं। रिलीफ कमिश्नर और ज़िला प्रशासन का यह समन्वय दिखाता है कि एक 'कल्याणकारी राज्य' अपने नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा के लिए कितना संजीदा है।
1947 से आज तक शाहजहाँपुर ने 'प्रजा' से 'सचेत नागरिक' बनने का जो सफ़र तय किया है, वह गौरवशाली है। जगन्नाथ प्रसाद त्रिपाठी के ज़माने की सादगी से लेकर धर्मेंद्र प्रताप सिंह के दौर की डिजिटल गवर्नेंस तक, यह शहर अपनी विरासत को सँभाले हुए आधुनिकता की ओर क़दम बढ़ा रहा है।
संदर्भ
https://tinyurl.com/25k9zyzs
https://tinyurl.com/2aesp83b
https://tinyurl.com/2ckurfp2
https://tinyurl.com/2b5sth9x
https://tinyurl.com/2dfbhgo3
https://tinyurl.com/229awtkt
https://tinyurl.com/256w6ywh
https://tinyurl.com/2bjntndd
https://tinyurl.com/28ep8d4r
https://tinyurl.com/273k3pct