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भारत में सरकारी नौकरी को केवल एक रोज़गार नहीं, बल्कि जीवन की स्थिरता और सामाजिक सम्मान का प्रतीक माना जाता है। वर्ष 1947 में देश की आज़ादी के बाद से लेकर आज के आधुनिक स्वरूप तक, राज्य और केंद्र सरकार की नौकरियों ने युवाओं के करियर के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प के रूप में अपनी जगह बनाई है। बेहतर वेतन, पेंशन और पदोन्नति के अवसरों ने लाखों छात्रों को हर साल प्रतियोगी परीक्षाओं की ओर आकर्षित किया है। देश भर के टियर-टू शहरों की तरह ही शाहजहांपुर जैसे शहरों में भी सरकारी नौकरियों को लेकर एक अलग ही उत्साह देखने को मिलता है।
क्या कारण है कि भारत में सरकारी नौकरियां युवाओं की पहली पसंद हैं?
हाल के वर्षों में यह देखा गया है कि अधिक से अधिक लोग सरकारी नौकरियों का विकल्प चुन रहे हैं। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण नौकरी की सुरक्षा है। एक अच्छी आय के साथ सुरक्षित नौकरी पाना हर व्यक्ति का सपना होता है। भारत सरकार हर साल विभिन्न विभागों में रोज़गार के कई अवसर जारी करती है। सरकारी नौकरी को मुख्य रूप से दो भागों में बांटा गया है, जिनमें केंद्र सरकार और राज्य सरकार की नौकरियां शामिल हैं।
सरकारी नौकरियों में कर्मचारियों को मासिक मूल वेतन के साथ महंगाई भत्ता और मकान किराया भत्ता मिलता है। इसके अतिरिक्त, एक साल के लिए पंद्रह दिन के वेतन के बराबर ग्रेच्युटी (gratuity), हर साल बोनस और सेवानिवृत्ति के लाभ दिए जाते हैं। सेवानिवृत्ति के फायदों में भविष्य निधि, वेतन बकाया और बीमा जैसी सुविधाएं शामिल हैं। पेंशन की बात करें तो सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारी को अपने वेतन का आधा हिस्सा पेंशन के रूप में मिलता है। यदि कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है, तो पत्नी को पेंशन मिलती है और यदि उनका कोई बच्चा विकलांग है, तो उसे भी पेंशन का कुछ हिस्सा दिया जाता है। इन्हीं सुविधाओं के कारण कहा जाता है कि सरकारी नौकरी एक परिवार के लिए बुलेट प्रूफ जैकेट की तरह होती है। शिक्षा और विवाह के लिए बैंक ऋण भी आसानी से मिल जाता है तथा चिकित्सा व्यय भी सरकार द्वारा वहन किया जाता है। बहुराष्ट्रीय कंपनियों के आने के बावजूद भारत में सरकारी नौकरी का क्रेज़ लगातार बना हुआ है।
राज्य सरकार की नौकरियों में पुलिस भर्ती की क्या भूमिका है?
राज्य सरकार के अधीन रोज़गार के सबसे बड़े स्रोतों में पुलिस भर्ती का नाम सबसे ऊपर आता है। राज्य पुलिस विभाग हर साल कानून व्यवस्था को मज़बूत करने, सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने और सेवानिवृत्ति या पुलिस बल के विस्तार से उत्पन्न होने वाले खाली पदों को भरने के लिए बड़े पैमाने पर भर्ती अभियान चलाते हैं। इन भर्तियों के ज़रिए कांस्टेबल, सब-इंस्पेक्टर, हेड कांस्टेबल और अन्य सुरक्षा संबंधी पदों पर नियुक्तियां की जाती हैं।

पुलिस की नौकरियां लाखों उम्मीदवारों को आकर्षित करती हैं क्योंकि वे स्थिर वेतन, नौकरी की सुरक्षा, पेंशन, पदोन्नति के अवसर और सामाजिक सम्मान प्रदान करती हैं। इन पदों के लिए चयन प्रक्रिया कई चरणों से गुज़रती है। उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा, चिकित्सा परीक्षा और दस्तावेज़ सत्यापन जैसी प्रक्रियाओं को पास करना होता है। यह सुनिश्चित किया जाता है कि उम्मीदवार पुलिस कर्तव्यों के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से फिट हैं। सामान्य ज्ञान, तर्क क्षमता और कानून के प्रति जागरूकता को परखने के लिए वस्तुनिष्ठ बहुविकल्पीय प्रश्न आधारित परीक्षाएं ली जाती हैं। पुलिस भर्ती विशेष रूप से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमज़ोर पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों के लिए रोज़गार के शानदार अवसर पैदा करती है। कई राज्यों में आरक्षण नीतियां पुलिस और सुरक्षा सेवाओं के भीतर विभिन्न सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व प्रदान करने में मदद करती हैं।

भारतीय रेलवे कैसे बना केंद्र सरकार की नौकरियों का सबसे बड़ा स्रोत?
भारतीय रेलवे अपने आकार और संचालन की व्यापकता को देखते हुए देश में रोज़गार देने वाला एक प्रमुख संगठन है। रिक्तियों का उत्पन्न होना और उन्हें भरना रेलवे में एक सतत प्रक्रिया है। पिछले एक दशक में रेलवे ने 5 लाख से अधिक रिक्तियां भरी हैं। आंकड़ों पर नज़र डालें तो वर्ष 2004 से 2014 के बीच रेलवे में लगभग 4,11,000 भर्तियां की गईं, जबकि 2014 से 2024 के बीच यह आंकड़ा बढ़कर 5,02,000 के पार पहुंच गया। वहीं वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक 43,000 से अधिक भर्तियां की जा चुकी हैं।

रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षाएं तकनीकी रूप से काफी बड़ी होती हैं, जिनमें बड़े पैमाने पर संसाधनों और जनशक्ति को लगाया जाता है। कोविड महामारी के बाद लगाए गए प्रतिबंधों में ढील मिलने पर वर्ष 2020 से 2022 के दौरान रेलवे ने दो करोड़ सैंतीस लाख से अधिक उम्मीदवारों की परीक्षाएं सफलतापूर्वक आयोजित कीं। इन परीक्षाओं के आधार पर 1,30,000 से अधिक उम्मीदवारों की भर्ती की गई। यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही और इसमें पेपर लीक जैसी कोई भी घटना सामने नहीं आई।
व्यवस्था में सुधार करते हुए रेल मंत्रालय ने वर्ष 2024 से ग्रुप सी पदों की विभिन्न श्रेणियों में भर्ती के लिए वार्षिक कैलेंडर प्रकाशित करने की प्रणाली शुरू की है। इस वार्षिक कैलेंडर से उम्मीदवारों को हर साल पात्र होने का अवसर, परीक्षाओं की निश्चितता, तेज़ भर्ती प्रक्रिया और नियुक्तियों का लाभ मिल रहा है। जनवरी से दिसंबर 2024 के दौरान असिस्टेंट लोको पायलट, तकनीशियन, सब-इंस्पेक्टर, रेलवे सुरक्षा बल में कांस्टेबल, जूनियर इंजीनियर, पैरामेडिकल कैटेगरी और नॉन-टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरीज के तहत 92,000 से अधिक रिक्तियों के लिए अधिसूचनाएं जारी की गईं। रेलवे अपने कर्मचारियों की कार्य स्थितियों को बेहतर बनाने के लिए भी प्रतिबद्ध है, जिसके तहत 2,800 से अधिक लोकोमोटिव इंजनों में वॉटरलेस यूरिनल की सुविधा प्रदान की गई है।
केंद्र और राज्य सरकार की नौकरियों में क्या मुख्य अंतर हैं?
भारत में सरकारी नौकरी चाहने वालों के सामने सबसे बड़ा फैसला केंद्र सरकार और राज्य सरकार की नौकरी के बीच चुनाव करना होता है। वेतन, पदोन्नति, स्थानांतरण नीतियों और कार्य संस्कृति को लेकर इन दोनों में कई बुनियादी अंतर हैं।
केंद्र सरकार की नौकरियां भारत सरकार के सीधे नियंत्रण वाले मंत्रालयों और विभागों द्वारा दी जाती हैं। इनमें भारतीय रेलवे, स्टाफ सिलेक्शन कमीशन, यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम शामिल हैं। वहीं राज्य सरकार की नौकरियां व्यक्तिगत राज्य सरकारों द्वारा स्थानीय प्रशासन और सार्वजनिक सेवाओं के लिए दी जाती हैं, जैसे राज्य लोक सेवा आयोग, राज्य पुलिस और शिक्षा विभाग। केंद्र सरकार के कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग के एक समान नियमों का लाभ मिलता है, जबकि राज्य सरकार के कर्मचारियों का वेतन उनके संबंधित विभागों और राज्य के बजट के आधार पर तय होता है।
स्थानांतरण के मामले में केंद्र सरकार की नौकरियों में तबादले अक्सर राज्यों और विभागों के पार होते हैं, जबकि राज्य सरकार की नौकरियों में पोस्टिंग मुख्य रूप से राज्य की सीमा के भीतर या स्थानीय ज़िले में होती है। करियर के विकास के लिहाज़ से देखें तो केंद्र सरकार की नौकरियों में पदोन्नति आमतौर पर समयबद्ध और व्यवस्थित होती है तथा बड़े राष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स पर काम करने का मौका मिलता है। राज्य की नौकरियों में पदोन्नति विभाग और राज्य की नीतियों पर निर्भर करती है। अधिकार के स्तर पर भी केंद्र सरकार के पास राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेशी मामलों और बैंकिंग जैसे राष्ट्रीय महत्व के मुद्दे होते हैं, जबकि राज्य सरकारें क्षेत्रीय स्तर पर कृषि, पुलिस और कानून व्यवस्था को संभालती हैं।

शाहजहांपुर के छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी किस प्रकार कर रहे हैं?
सरकारी नौकरियों के प्रति यह क्रेज़ अब छोटे शहरों में भी बड़े स्तर पर दिखाई दे रहा है। शाहजहांपुर में छात्र लगातार पुलिस, रेलवे, एसएससी, बैंकिंग और अन्य सार्वजनिक क्षेत्र की भर्तियों के लिए ज़ोरदार तैयारी कर रहे हैं। सुरक्षित रोज़गार, स्थिर वेतन, पेंशन और करियर के विकास में बढ़ती दिलचस्पी ने कई युवाओं को अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित किया है।

शहर के कोचिंग संस्थान कांस्टेबल, सब-इंस्पेक्टर, रेलवे स्टाफ और केंद्र सरकार के कर्मचारियों सहित विभिन्न पदों के लिए मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। बेहतर शैक्षिक सहायता और परीक्षा की तैयारी के लिए आस-पास के गांवों के कई छात्र भी शाहजहांपुर आ रहे हैं। ये परीक्षा केंद्र और प्रशिक्षण संस्थान उम्मीदवारों को विभिन्न नौकरियों के लिए आवश्यक भर्ती प्रक्रियाओं, शारीरिक परीक्षणों, साक्षात्कारों और लिखित परीक्षाओं को समझने में मदद करते हैं। विशेष रूप से मध्यम वर्गीय और ग्रामीण परिवारों के बीच सरकारी नौकरी को एक बहुत ही सम्मानजनक और स्थिर करियर विकल्प के रूप में देखा जाता है। अपने शानदार प्रशिक्षण संस्थानों और छात्रों की मेहनत के दम पर शाहजहांपुर धीरे-धीरे राज्य और केंद्र सरकार की सेवाओं में अवसर तलाशने वाले उम्मीदवारों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है।
संदर्भ
1. https://tinyurl.com/28zx2hpd
2. https://tinyurl.com/24mzdqbl
3. https://tinyurl.com/2b85lge8
4. https://tinyurl.com/228gupao