क्या देशी वनों का संरक्षण हमें भविष्य के जल संकट से बचाएगा?

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क्या देशी वनों का संरक्षण हमें भविष्य के जल संकट से बचाएगा?

जंगलों को अक्सर पृथ्वी के फेफड़े कहा जाता है, लेकिन वे हमारी पृथ्वी के जीवन-तंत्र को संतुलित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कोस्टा रिका (Costa Rica) के घने बादलों वाले जंगलों से लेकर कैलिफ़ोर्निया (California) के रेडवुड्स (Redwoods) तक, दुनिया भर के जंगल पानी जैसे सबसे अनमोल संसाधन के महत्वपूर्ण नियामक के रूप में कार्य करते हैं। जब किसी साफ़ किए गए या बंजर परिदृश्य पर बारिश होती है, तो पानी सतह पर तेज़ी से बहता है, जिससे ऊपरी उपजाऊ मिट्टी बह जाती है और अचानक बाढ़ आ जाती है। इसके विपरीत, जब बारिश जंगल में होती है, तो पेड़ों की घनी छतरी बारिश की बूंदों के प्रभाव को कम कर देती है, और जड़ों के चैनल पानी को ज़मीन की गहराई में ले जाते हैं। इनफिल्ट्रेशन (infiltration) के रूप में जानी जाने वाली यह प्रक्रिया भूमिगत एक्विफर (aquifer) को फिर से भरती है और सूखे महीनों के दौरान नदियों के स्थिर प्रवाह को बनाए रखती है। दुनिया भर में अब जल उपयोगिताओं के लिए स्वच्छ और प्रचुर जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्राकृतिक बुनियादी ढाँचे की रणनीतियों में देशी वनों की सुरक्षा को प्रोत्साहित करने में रुचि बढ़ रही है।

जंगल पृथ्वी के जल चक्र और हाइड्रोलॉजिकल संतुलन को कैसे बनाए रखते हैं?
जल चक्र एक जटिल प्रणाली है जिसमें इवैपोरेशन (evaporation), ट्रांसपिरेशन (transpiration), कंडेनसेशन (condensation), प्रेसिपिटेशन (precipitation) और रनऑफ़ (runoff) शामिल हैं। जंगल इस चक्र के हर चरण में सक्रिय भागीदार होते हैं। पेड़ प्राकृतिक पंप के रूप में कार्य करते हैं, जो मिट्टी से पानी खींचते हैं और इसे इवापोट्रांस्पिरेशन (evapotranspiration) के माध्यम से वायुमंडल में छोड़ते हैं। एक बड़ा पेड़ प्रति दिन सैकड़ों लीटर पानी छोड़ सकता है। अमेज़न (Amazon) बेसिन में उड़न नदियां (flying rivers) इसका एक बड़ा उदाहरण हैं; ये जल वाष्प की धाराएं हैं जो जंगल के इवापोट्रांस्पिरेशन के माध्यम से उत्पन्न होती हैं और दक्षिण अमेरिका (South America) में वर्षा पैटर्न के लिए महत्वपूर्ण हैं।

इसके अलावा, जंगल प्रकृति के स्पंज हैं। पत्तों का कूड़ा और ऊपरी मिट्टी एक पारगम्य परत के रूप में कार्य करती है, जो पानी को तुरंत बहने देने के बजाय रिसने देती है। पेड़ों की जड़ों का जटिल भूमिगत नेटवर्क मिट्टी के कणों को एक साथ बांधता है, जिससे कटाव में काफी कमी आती है। यह प्राकृतिक शुद्धिकरण प्रक्रिया इतनी प्रभावी है कि दुनिया भर के कई शहर स्वच्छ पेयजल के लिए वनों वाले जलक्षेत्रों पर निर्भर हैं। उदाहरण के लिए, न्यूयॉर्क सिटी (New York City) अपना अधिकांश पेयजल कैट्सकिल माउंटेन (Catskill Mountains) के जलक्षेत्र से प्राप्त करता है, जिससे जल उपचार लागत में अरबों डॉलर की बचत होती है।

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वनों का भूमि उपयोग और बाढ़ नियंत्रण के बीच क्या वैज्ञानिक संबंध है?
पिछले 50 से अधिक वर्षों में बाढ़ पर भूमि-उपयोग प्रथाओं के प्रभाव को लेकर कई वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। वन आवरण इनफिल्ट्रेशन को अधिकतम रखकर बाढ़ के चरम को कम करता है।

  • जर्मनी (Germany): हर्ट्ज़ (Harz) पहाड़ों में हुए प्रयोगों से पता चला कि सर्दियों में बर्फ पिघलने के बाद जंगल से चरम प्रवाह अधिक था, लेकिन गर्मियों में साफ किए गए क्षेत्र से बाढ़ का चरम अधिक था।
  • संयुक्त राज्य अमेरिका (United States of America): वेस्ट वर्जीनिया (West Virginia) के एलीघेनी (Allegheny) पहाड़ों और ओहियो (Ohio) के पठार पर हुए प्रयोगों ने दर्शाया कि पेड़ों के उगने के चरण में बाढ़ के चरम में 52 से 84 प्रतिशत तक की भारी कमी आई है। वाशेच (Wasatch) पहाड़ों में भारी चराई और आग के कारण केवल 2 से 10 प्रतिशत जंगलों के नष्ट होने से ही तलछट जमाव पिछले 20,000 वर्षों की तुलना में अधिक हो गया। ओरेगन (Oregon) के कैस्केड (Cascade) पहाड़ों में एक सांख्यिकीय विश्लेषण ने संकेत दिया कि जंगल के एक वर्ग मील को साफ़ करने से बाढ़ का चरम 1.1 क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड प्रति वर्ग किलोमीटर बढ़ सकता है।
  • यूरोप (Europe): फ्रांस (France) और इटली (Italy) जैसे एल्पाइन (Alpine) देशों में, राइन (Rhine) और रोन (Rhone) नदियों के ऊपरी जलक्षेत्रों की सुरक्षा के लिए करोड़ों डॉलर ख़र्च किए गए हैं।

ईस्ट माउ (East Maui) के वाइकामोई रिज़र्व में आक्रामक प्रजातियों का क्या ख़तरा है?
हवाई के द्वीप पर स्थित द नेचर कंज़र्वेंसी (The Nature Conservancy) का वाइकामोई रिज़र्व (Waikamoi Preserve) 2622 हेक्टेयर में फैला एक महत्वपूर्ण संरक्षण क्षेत्र है, जो माउंट हलेकाला (Mount Haleakalā) की ढलानों पर स्थित है। यह रिज़र्व स्थानिक पौधों की प्रजातियों और संकटग्रस्त वन पक्षियों के लिए एक अहम आवास प्रदान करता है। द्वीपों पर आक्रामक प्रजातियों का प्रवेश एक बड़ा संकट है।

स्थानीय देशी वनों को ग़ैर-देशी पेड़ों की प्रजातियों से गंभीर ख़तरा है। इन आक्रामक प्रजातियों में स्ट्रोबेरी अमरूद (Psidium cattleyanum), पाइन (Pinus), हेडिचियम गार्डनेरियनम (Hedychium gardnerianum) और माइक्रोनिआ केल्वेसेंस (Miconia calvescens) शामिल हैं। वैज्ञानिक अध्ययनों से पता चलता है कि देशी पेड़ों की तुलना में इन ग़ैर-देशी प्रजातियों में इवापोट्रांस्पिरेशन दर अधिक होती है और ये कोहरे को रोकने में कम प्रभावी होते हैं। यदि वाइकामोई में संरक्षण प्रयास रोक दिए जाएं, तो यह आक्रामक ग़ैर-देशी वन 5 से 10 प्रतिशत की वार्षिक दर से देशी वनों पर कब्ज़ा कर सकता है।

देशी वनों के संरक्षण से भूजल पुनर्भरण में कितनी बढ़ोतरी होती है?
वैज्ञानिकों ने वाटर बैलेंस (water balance) मॉडल का उपयोग करके यह गणना की कि यदि वाइकामोई रिज़र्व में देशी वनों को ग़ैर-देशी वनों में बदलने से न रोका जाए, तो जल संसाधनों पर क्या प्रभाव पड़ेगा। मॉडल से पता चला कि ग़ैर-देशी वनों के प्रवेश से इवापोट्रांस्पिरेशन में औसतन 26 प्रतिशत या 186 मिलीमीटर प्रति वर्ष की वृद्धि होती है। इसका सीधा अर्थ है कि वायुमंडल में अधिक पानी वाष्पित हो जाता है और भूजल के रूप में कम पानी रिसता है।

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यदि संरक्षण के प्रयास जारी रहते हैं और आक्रामक प्रजातियों के प्रसार को रोका जाता है, तो अगले 100 वर्षों में 5 प्रतिशत प्रसार दर परिदृश्य के तहत 50.9 मिलियन क्यूबिक मीटर, और 10 प्रतिशत प्रसार दर परिदृश्य के तहत 122.3 मिलियन क्यूबिक मीटर भूजल को बचाया जा सकता है। पूर्ण रूपांतरण की स्थिति में यह प्रति वर्ष 2.1 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी की बचत के बराबर है।

जल उपयोगिता विभाग को इस संरक्षण से कितने डॉलर का आर्थिक लाभ हो सकता है?
बढ़ती आबादी और भविष्य में पानी की कमी के अनुमानों को देखते हुए, जल विभाग को अंततः समुद्री जल डीसैलिनैशन (desalination) जैसे महंगे विकल्पों का सहारा लेना पड़ सकता है, जिसकी लागत 3.35 डॉलर प्रति क्यूबिक मीटर तक होती है।

शोधकर्ताओं ने गणना की कि देशी वनों को बचाने से जल उपयोगिता की भविष्य की लागत में भारी कमी आती है। वर्तमान मूल्य के संदर्भ में, जल उपयोगिता को 2.70 से 137.6 मिलियन डॉलर तक की शुद्ध बचत होती है, जो कि छूट दर और पानी की कमी के अनुमानों पर निर्भर करती है। 3 प्रतिशत की मानक छूट दर मानकर 37.2 मिलियन डॉलर की बचत होती है। दूसरी ओर, वाइकामोई रिज़र्व में वन संरक्षण और प्रबंधन की कुल लागत 100 वर्षों में लगभग 28.0 मिलियन से 85.6 मिलियन डॉलर के बीच आती है। वनों का संरक्षण पानी की बचत के रूप में 10 से 160 प्रतिशत तक संरक्षण लागत की भरपाई भी कर देता है।

वनों का महत्व केवल उनके द्वारा संचित लकड़ी या कार्बन में नहीं है, बल्कि उस जल विज्ञान में है जो वे हमें प्रदान करते हैं। ईस्ट माउ का यह अध्ययन स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि प्राकृतिक बुनियादी ढांचे में निवेश करना एक बेहतरीन वित्तीय और पर्यावरणीय निर्णय है।

संदर्भ

1. https://tinyurl.com/22b8r4sr 

2. https://tinyurl.com/2dzlr6uo 

3. https://tinyurl.com/28sfk7m7 

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