अमरित उद्यान: राष्ट्रपति भवन के दिल में बसा इतिहास, प्रकृति और सौंदर्य का अद्भुत संगम

फूलदार पौधे (उद्यान)
30-11-2025 09:28 AM

राष्ट्रपति भवन की विशाल और भव्य प्रांगण में फैला अमरित उद्यान (पूर्व नाम - मुगल गार्डन) भारत की बागवानी कला, स्थापत्य सौंदर्य और ऐतिहासिक विरासत का अनोखा उदाहरण है। लगभग 15 एकड़ क्षेत्र में फैला यह उद्यान केवल फूलों और पेड़ों का समूह नहीं, बल्कि एक ऐसा अनुभव है, जहाँ प्रकृति, कला और शांति एक दूसरे में विलीन होते दिखाई देते हैं। दिल्ली के तेज़ शोर और व्यस्त जीवन के बीच यह उद्यान एक शांत और सुकून देने वाला संसार जैसा लगता है, जहाँ हर कदम पर रंग, सुगंध और हरियाली आपका स्वागत करते हैं।

अमरित उद्यान का इतिहास बहुत रोचक है। 1911 में जब राजधानी कलकत्ता से दिल्ली लाई गई, तब रैज़िना हिल पर वायसराय हाउस (अब राष्ट्रपति भवन) का निर्माण हुआ। इस राजसी भवन के लिए एक विशिष्ट, भव्य और सांस्कृतिक दृष्टि से सशक्त उद्यान की आवश्यकता को समझते हुए, प्रसिद्ध वास्तुकार सर एडविन लुटियंस (Edwin Lutyens) ने दिल्ली के बागवानी विशेषज्ञ विलियम आर. मस्टो (William R. Musto) के साथ मिलकर इस उद्यान का निर्माण किया। यहाँ ब्रिटिश बागवानी शैली, भारतीय गुलाबों की रंगीन श्रेणियाँ और फ़ारसी चारबाग परंपरा - इन तीनों का सुन्दर मेल दिखाई देता है।

उद्यान का चारबाग शैली में विभाजित होना इसकी विशेष पहचान है। हर भाग में फव्वारे, जल-धाराएँ और सावधानी से सजाई गई फूलों की कतारें एक शांत, संतुलित और मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करती हैं। गुलाब तो यहाँ की आत्मा कही जा सकती है - सैकड़ों प्रजातियों के गुलाब यहाँ खिले हुए दिखाई देते हैं। इसके अलावा गेंदे, डेहलिया, ट्यूलिप, रजनीगंधा और कई रंगीन विदेशी पौधे इस जगह को फूलों की एक जीवंत तस्वीर जैसा बना देते हैं। बच्चों के लिए बनाए गए बाल वाटिका में 225 वर्ष पुराना विशाल शीशम का पेड़ विशेष आकर्षण है। यहाँ एक प्यारा सा ट्री-हाउस (Tree-House) भी है, जो बच्चों के लिए प्रकृति से जुड़ने का सहज और आनंददायक माध्यम बन जाता है।

अमरित उद्यान देखने आने वाले लोग आस-पास के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों का भी आनंद ले सकते हैं। पास में ही इंडिया गेट, राष्ट्रीय संग्रहालय, नेशनल गैलरी ऑफ़ मॉडर्न आर्ट (National Gallery of Modern Art), कनॉट प्लेस (Connaught Place) और संसद भवन स्थित हैं। इस तरह एक ही क्षेत्र में इतिहास, संस्कृति, कला और प्रकृति - सब एक साथ मौजूद हैं।

संदर्भ-  
https://tinyurl.com/2ef5pz9k
https://tinyurl.com/4tsxbwk9  
https://tinyurl.com/vd7b443s 
https://tinyurl.com/4w6rpdk6 



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