मेरठवासियों जानिए, पेंगुइन की दुनिया: बर्फ़ीले समुद्रों से संस्कृति तक का अनोखा सफ़र

पक्षी
21-01-2026 09:14 AM
मेरठवासियों जानिए, पेंगुइन की दुनिया: बर्फ़ीले समुद्रों से संस्कृति तक का अनोखा सफ़र

मेरठवासियों, जब भी हम ध्रुवीय क्षेत्रों, बर्फ़ से ढकी धरती और समुद्र की अथाह गहराइयों की कल्पना करते हैं, तो पेंगुइन (penguin) की छवि अपने आप हमारे मन में उभर आती है। भले ही पेंगुइन का मेरठ या इसके आसपास के क्षेत्र से कोई प्रत्यक्ष भौगोलिक संबंध न हो, फिर भी प्रकृति के ये अनोखे जीव आज पूरी दुनिया की जिज्ञासा, वैज्ञानिक अध्ययन और सांस्कृतिक आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। उड़ान न भर पाने वाले ये पक्षी समुद्री जीवन के लिए इस तरह अनुकूलित हैं कि उनकी जीवनशैली हमें प्रकृति की अद्भुत रचनात्मकता और अनुकूलन क्षमता से परिचित कराती है।
इस लेख में हम सबसे पहले यह समझेंगे कि पेंगुइन किस प्रकार समुद्री जीवन के लिए अनुकूलित उड़ान रहित पक्षी हैं और उनकी शारीरिक संरचना उन्हें उत्कृष्ट तैराक कैसे बनाती है। इसके बाद, हम पेंगुइन की वैश्विक प्रजातियों और उनके भौगोलिक वितरण पर नज़र डालेंगे। आगे, एम्परर पेंगुइन (Emperor Penguin) जैसी सबसे बड़ी प्रजाति की विशेषताओं और जीवन चक्र को जानेंगे। फिर, सबसे छोटी पेंगुइन प्रजाति और आकार के अनुसार उनके आवास में अंतर को समझेंगे। इसके साथ ही, पेंगुइन के व्यवहार और मनुष्यों के प्रति उनकी विशिष्टता पर चर्चा करेंगे। अंत में, पॉप संस्कृति (pop culture), मीडिया और पौराणिक कथाओं में पेंगुइन के सांस्कृतिक चित्रण को देखेंगे।

पेंगुइन: समुद्री जीवन के लिए अनुकूलित उड़ान रहित पक्षी
पेंगुइन ऐसे पक्षी हैं जो उड़ान नहीं भर सकते, लेकिन समुद्र में तैरने और गहराई तक गोता लगाने में अत्यंत कुशल होते हैं। उनकी शारीरिक संरचना समुद्री जीवन के अनुसार विकसित हुई है। उनके फ्लिपर्स (flippers) पंखों के स्थान पर काम करते हैं, जिनकी सहायता से वे पानी में तेज़ी से आगे बढ़ते हैं। पेंगुइन अपने पैरों और पूंछ का उपयोग पतवार की तरह करते हैं, जिससे उनकी दिशा नियंत्रित रहती है। उनके शरीर पर काले और सफ़ेद रंग के छोटे, अतिव्यापी पंखों की एक जलरोधक परत होती है, जो ठंडे पानी में उन्हें सुरक्षित रखती है। भोजन के रूप में वे क्रिल (krill), मछली और स्क्विड (squid) खाते हैं, जबकि लेपर्ड सील (leopard seal) और किलर व्हेल (killer whale) जैसे समुद्री जीव उनके प्रमुख शिकारी हैं। अंडों और चूजों को स्कुआ (skuas) और शीथबिल (sheathbill) जैसे पक्षियों से खतरा रहता है।

Free King Penguin Penguin photo and picture

पेंगुइन की वैश्विक प्रजातियाँ और उनका भौगोलिक वितरण
दुनिया भर में पेंगुइन की कुल 18 प्रजातियाँ पाई जाती हैं। इनमें से पाँच प्रजातियाँ अंटार्कटिका में और चार उप-अंटार्कटिक द्वीपों पर निवास करती हैं। पेंगुइन मुख्य रूप से दक्षिणी गोलार्ध में पाए जाते हैं। गैलापागोस पेंगुइन (Galapagos Penguins) एकमात्र ऐसी प्रजाति है जो भूमध्य रेखा के उत्तर में भी पाई जाती है। इनका सबसे अधिक घनत्व अंटार्कटिक तटों और आसपास के द्वीपों में देखा जाता है। सामान्यतः बड़े पेंगुइन ठंडे क्षेत्रों में रहते हैं, जबकि छोटे पेंगुइन समशीतोष्ण और उष्णकटिबंधीय जलवायु वाले इलाकों में पाए जाते हैं।

एम्परर पेंगुइन: सबसे बड़ी और अंटार्कटिका-विशेष प्रजाति
एम्परर पेंगुइन पेंगुइन की सबसे बड़ी और सबसे भारी प्रजाति है, जो केवल अंटार्कटिका में पाई जाती है। इसकी लंबाई लगभग 1.1 मीटर तक होती है और वजन 22 से 45 किलोग्राम के बीच होता है। यह प्रजाति 500 मीटर से अधिक गहराई तक गोता लगा सकती है और लगभग 20 मिनट तक पानी में रह सकती है। एम्परर पेंगुइन की सबसे अनोखी विशेषता इसका प्रजनन व्यवहार है। यह एकमात्र पेंगुइन है जो अंटार्कटिक सर्दियों में प्रजनन करता है। मादा एक ही अंडा देती है, जिसे नर दो महीने से अधिक समय तक अपने पैरों पर संभालकर सेता है। इनका औसत जीवनकाल लगभग 20 वर्ष होता है, हालांकि कुछ पेंगुइन इससे अधिक समय तक भी जीवित रहते हैं।

Free Emperor Penguins Baby Penguin photo and picture

सबसे छोटी पेंगुइन प्रजाति और आकार के अनुसार आवास का अंतर
सबसे छोटी पेंगुइन प्रजाति यूडिप्टुला माइनर (Eudyptula minor) है, जिसे फेयरी पेंगुइन (fairy penguin) या छोटे नीले पेंगुइन के नाम से भी जाना जाता है। इसकी लंबाई लगभग 33 सेंटीमीटर और वजन करीब 1 किलोग्राम होता है। यह मुख्य रूप से दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के समुद्र तटों पर पाई जाती है। आकार के आधार पर देखा जाए तो छोटे पेंगुइन अपेक्षाकृत गर्म या समशीतोष्ण क्षेत्रों में रहते हैं, जबकि बड़े पेंगुइन ठंडे इलाकों में पाए जाते हैं। लेख में यह भी उल्लेख मिलता है कि कुछ प्रागैतिहासिक पेंगुइन प्रजातियाँ आकार में अत्यंत विशाल थीं, जो लगभग एक वयस्क मानव जितनी बड़ी होती थीं।

पेंगुइन का व्यवहार और मनुष्यों के प्रति उनकी विशिष्टता
पेंगुइन अपने सीधे खड़े होने, डगमगाती चाल और निर्भीक स्वभाव के कारण दुनिया भर में पहचाने जाते हैं। अन्य पक्षियों की तुलना में वे मनुष्यों से कम डरते हैं, जो उन्हें और भी रोचक बनाता है। उनकी तैराकी क्षमता, समूह में रहने की प्रवृत्ति और चतुराई ने उन्हें प्रकृति प्रेमियों और वैज्ञानिकों के बीच विशेष स्थान दिलाया है। उनके काले और सफ़ेद पंखों की तुलना अक्सर औपचारिक पोशाक से की जाती है, जिससे उनका व्यक्तित्व और भी आकर्षक प्रतीत होता है।

Free Penguins Falkland Islands photo and picture

पॉप संस्कृति, मीडिया और पौराणिक कथाओं में पेंगुइन का चित्रण
पेंगुइन का सांस्कृतिक चित्रण भी उतना ही रोचक है जितना उनका प्राकृतिक जीवन। मार्च ऑफ़ द पेंगुइन्स (March of the Penguins), मेडागास्कर (Madagascar), हैप्पी फीट (Happy Feet) और सर्फ़्स (Surfs) अप जैसी फ़िल्मों ने पेंगुइन को पॉप संस्कृति में विशेष लोकप्रियता दिलाई। 2008 में बीबीसी (BBC) द्वारा अप्रैल फूल दिवस पर जारी एक हास्य फिल्म में पेंगुइन को उड़ते हुए दिखाया गया, जिसने लोगों का खूब मनोरंजन किया। विज्ञापनों, ब्रांड लोगो, चॉकलेट बिस्कुट और वीडियो गेम्स में भी पेंगुइन की छवि का उपयोग किया गया है। माओरी पौराणिक कथाओं में भी पेंगुइन का विशेष स्थान है, जहाँ विभिन्न प्रजातियों को अलग-अलग नामों से जाना जाता है।

संदर्भ:
https://bit.ly/2ZGOtOI 
https://bit.ly/39J0XqX 
https://bit.ly/3CSJSqN 
https://bit.ly/3um4Njh
https://tinyurl.com/bdf558ux 

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