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कंप्यूटर और स्मार्टफोन आज हमारी ज़िंदगी का अहम हिस्सा हैं, लेकिन ये मशीनें हमारी भाषा नहीं समझतीं। ये केवल 0 और 1 यानी बाइनरी (Binary) को समझती हैं। इंसानी तर्क और मशीनी ऑपरेशंस के बीच इसी खाई को पाटने के लिए प्रोग्रामिंग भाषाओं का विकास हुआ। आज हमारे फोन पर चलने वाले एप्लिकेशन्स से लेकर अंतरिक्ष तक जाने वाले यान इन्हीं प्रोग्रामिंग भाषाओं के माध्यम से काम करते हैं।
हमें प्रोग्रामिंग भाषाओं की आवश्यकता क्यों है?
सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (Central Processing Unit) या सीपीयू (CPU) निर्देशों को केवल बाइनरी रूप में समझता है। इंसानों के लिए सीधे बाइनरी में प्रोग्राम लिखना बहुत मुश्किल है। इसलिए उच्च-स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषाएं बनाई गईं, जिन्हें पढ़ना और लिखना आसान है। इन भाषाओं के कोड को मशीन के पढ़ने योग्य बाइनरी निर्देशों में बदलने के लिए कम्पाइलर (Compiler) और इंटरप्रेटर (Interpreter) का उपयोग किया जाता है। कम्पाइलर पूरे कोड को एक साथ मशीन भाषा में बदल देता है, जिससे एक एग्जीक्यूटेबल फाइल बनती है। वहीं इंटरप्रेटर कोड को एक-एक लाइन करके प्रोसेस करता है। प्रत्येक प्रोग्रामिंग भाषा के सख्त सिंटैक्स (Syntax) नियम होते हैं और छोटी सी सिंटैक्स गलती भी प्रोग्राम को चलने से रोक सकती है।

प्रोग्रामिंग भाषाओं का विकास कैसे शुरू हुआ?
कंप्यूटर जगत में आज लगभग 500 से अधिक प्रोग्रामिंग भाषाएं हैं। दुनिया का पहला कंप्यूटर प्रोग्रामिंग कोड एडा लवलेस (Ada Lovelace) ने 1883 में चार्ल्स बैबेज (Charles Babbage) के एनालिटिकल इंजन (Analytical Engine) के लिए लिखा था, जिसका उपयोग बर्नौली नंबर (Bernoulli's number) की गणना के लिए किया गया था।
इसके बाद 1949 में असेंबली लैंग्वेज (Assembly Language) आई, जो लो-लेवल भाषा है। 1952 में एलिक ग्लेनी (Alick Glennie) ने पहला कम्पाइल किया गया प्रोग्रामिंग लैंग्वेज ऑटोकोड (Autocode) विकसित किया। 1957 में जॉन बैकस (John Backus) और आईबीएम (IBM) ने वैज्ञानिक कंप्यूटिंग के लिए फोरट्रान (FORTRAN) बनाया, जिसका उपयोग नासा (NASA) के वॉयजर स्पेस प्रोब में भी हुआ। 1958 में अलगोल (ALGOL) और 1959 में कोबोल (COBOL) आई। 1964 में बिल गेट्स (Bill Gates), पॉल एलन (Paul Allen) और मोंटे डेविडॉफ (Monte Davidoff) ने बेसिक (BASIC) का माइक्रोकंप्यूटर संस्करण सह-लिखा।
सी (C) भाषा का विकास और इसके अनुप्रयोग क्या हैं?
1972 में एटीएंडटी लैब्स (AT&T Labs) के बेल लेबोरेटरीज (Bell Laboratories) में डेनिस रिची (Dennis Ritchie) ने सी भाषा बनाई। इसे मुख्य रूप से यूनिक्स (UNIX) सिस्टम को लागू करने के लिए विकसित किया गया था। 1973 तक यूनिक्स ऑपरेटिंग सिस्टम को लगभग पूरी तरह से सी में फिर से लिखा गया था। डेनिस रिची और ब्रायन कर्निघन (Brian Kernighan) ने 'द सी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज' (The C Programming Language) पुस्तक प्रकाशित की, जिसे केएंडआर (K&R) बुक भी कहा जाता है।

समय के साथ इसमें कई सुधार हुए जैसे 1989 में एएनएसआई सी (ANSI C), 1999 में सी99 (C99), 2011 में सी11 (C11) और हाल ही में 2023 में सी23 (C23)। सी भाषा का उपयोग ऑपरेटिंग सिस्टम (विंडोज, मैकओएस, लिनक्स), एम्बेडेड सिस्टम (Embedded Systems) जैसे आर्डिनो (Arduino), कम्पाइलर जैसे जीसीसी (GCC), डेटाबेस जैसे मायएसक्यूएल (MySQL) और गेम डेवलपमेंट जैसे अनरियल इंजन (Unreal Engine) में बड़े पैमाने पर होता है।
जावा (Java) भाषा की उत्पत्ति और विकास कैसे हुआ?
जावा का विकास 1990 के दशक की शुरुआत में जेम्स गोस्लिंग (James Gosling) और सन माइक्रोसिस्टम्स (Sun Microsystems) की उनकी टीम द्वारा ग्रीन प्रोजेक्ट (Green Project) के तहत किया गया था। इसका लक्ष्य एक प्लेटफॉर्म-स्वतंत्र भाषा बनाना था, जो 'राइट वन्स, रन एनीवेयर' (Write Once, Run Anywhere) के सिद्धांत पर काम करे। शुरुआत में इसे ग्रीनटॉक (Greentalk) कहा गया, फिर जेम्स गोस्लिंग के कार्यालय के बाहर एक पेड़ से प्रेरित होकर ओक (Oak) नाम दिया गया। चूँकि ओक पहले से ट्रेडमार्क था, इसलिए बाद में इसका नाम जावा रखा गया।
इसका पहला आधिकारिक संस्करण जेडीके 1.0 (JDK 1.0) जनवरी 1996 में जारी किया गया था। इसके बाद इसमें कई बड़े अपडेट आए, जैसे जावा 8 में लैम्ब्डा एक्सप्रेशन्स (Lambda Expressions) और जावा 9 में मॉड्यूल सिस्टम (Module System)। यह ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग (Object-Oriented Programming) अवधारणाओं का समर्थन करती है और आज एंटरप्राइज सिस्टम (Enterprise Systems), एंड्रॉइड (Android) विकास और बिग डेटा (Big Data) तकनीक जैसे हडूप (Hadoop) और काफ्का (Kafka) में उपयोग होती है।
पाइथन (Python) आज दुनिया की सबसे लोकप्रिय भाषा क्यों है?
पाइथन को गुइडो वैन रोसुम (Guido van Rossum) द्वारा बनाया गया था और पहली बार 20 फरवरी 1991 को जारी किया गया था। इसका नाम बीबीसी (BBC) की प्रसिद्ध कॉमेडी सीरीज़ 'मोंटी पाइथन्स फ्लाइंग सर्कस' (Monty Python's Flying Circus) से लिया गया था। पाइथन सॉफ्टवेयर फाउंडेशन (Python Software Foundation) द्वारा इसका रखरखाव किया जाता है। गुइडो का लक्ष्य इसे सीखना आसान और सिंटैक्स को अंग्रेजी जैसा सरल बनाना था।

आज पाइथन हर जगह है। यह कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence), डेटा साइंस (Data Science), मशीन लर्निंग (Machine Learning) और वेब डेवलपमेंट (Web Development) में प्रमुख रूप से उपयोग होती है। नेटफ्लिक्स (Netflix), स्पॉटिफाई (Spotify), उबर (Uber) और ओपनएआई (OpenAI) जैसी कंपनियां इसका बड़े पैमाने पर उपयोग करती हैं। पीवाईपीएल (PYPL) इंडेक्स के अनुसार यह 41.88% लोकप्रियता के साथ दुनिया की शीर्ष भाषा है।
सी++ (C++), जावा और पाइथन के बीच मुख्य तकनीकी अंतर क्या हैं?
इन तीनों भाषाओं के एग्जीक्यूशन मॉडल (Execution Model) और प्रदर्शन में बड़ा तकनीकी अंतर है। सी++ को सीधे नेटिव मशीन कोड (Native Machine Code) में कम्पाइल किया जाता है, जिससे यह बेहद तेज़ होती है। हालांकि, इसका सिंटैक्स जटिल है और मेमोरी प्रबंधन मैन्युअल (Manual) रूप से करना पड़ता है। इसकी प्लेटफॉर्म स्वतंत्रता भी काफी कम है।

दूसरी ओर, जावा एक हाइब्रिड (Hybrid) मॉडल का उपयोग करती है, जहां इसे बाइटकोड (Bytecode) में कम्पाइल किया जाता है और जावा वर्चुअल मशीन (Java Virtual Machine) या जेवीएम (JVM) द्वारा चलाया जाता है। यह मध्यम रूप से तेज़ है और इसमें बिल्ट-इन गार्बेज कलेक्टर (Garbage Collector) के माध्यम से स्वचालित मेमोरी प्रबंधन होता है। इसकी प्लेटफॉर्म स्वतंत्रता बहुत अधिक है।
पाइथन रनटाइम (Runtime) पर लाइन-बाय-लाइन इंटरप्रेट होती है, जिससे यह सी++ और जावा के मुकाबले थोड़ी धीमी है। हालांकि, इसका सिंटैक्स बेहद सरल है, और यह स्वचालित मेमोरी प्रबंधन का उपयोग करती है। अपने न्यूनतम और साफ सिंटैक्स के कारण, यह नए प्रोग्रामरों के लिए सबसे पसंदीदा भाषा बन चुकी है।
संदर्भ
1. https://tinyurl.com/2c65ntxx
2. https://tinyurl.com/26zw7bfz
3. https://tinyurl.com/2dvdu6mf
4. https://tinyurl.com/2bst6f6c
5. https://tinyurl.com/2ax5xvbz
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