कुछ ऐसे होते हैं चिकनकारी के टांके

कुछ ऐसे होते हैं चिकनकारी के टांके

स्पर्श - बनावट/वस्त्र
एक नज़र लखनऊ पर आधारित फिल्मों के गीतों पर

एक नज़र लखनऊ पर आधारित फिल्मों के गीतों पर

ध्वनि I - कंपन से संगीत तक
लखनऊ और टोपियों का है पुराना नाता

लखनऊ और टोपियों का है पुराना नाता

स्पर्श - बनावट/वस्त्र
घुंघरू एक ‘घन वाद्य’

घुंघरू एक ‘घन वाद्य’

ध्वनि I - कंपन से संगीत तक
रविवार गीत: मिले सुर मेरा तुम्हारा

रविवार गीत: मिले सुर मेरा तुम्हारा

ध्वनि I - कंपन से संगीत तक
रविवार कविता: सयाहत-ए-ज़रीफ़

रविवार कविता: सयाहत-ए-ज़रीफ़

ध्वनि II - भाषाएँ
मेक्सिको से प्रेरित था यह बॉलीवुड गीत

मेक्सिको से प्रेरित था यह बॉलीवुड गीत

ध्वनि I - कंपन से संगीत तक
सुन तो सही जहाँ में है तेरा फ़साना क्या

सुन तो सही जहाँ में है तेरा फ़साना क्या

दृष्टि III - कला/सौंदर्य
लखनऊ के नज़ारे एक पक्षी की नज़र से

लखनऊ के नज़ारे एक पक्षी की नज़र से

दृष्टि I - लेंस/फोटोग्राफी
1930 के लखनऊ का एक दुर्लभ चलचित्र

1930 के लखनऊ का एक दुर्लभ चलचित्र

दृष्टि I - लेंस/फोटोग्राफी
रविवार कविता

रविवार कविता

ध्वनि I - कंपन से संगीत तक
कुछ चित्रकारी कुरान से प्रेरित

कुछ चित्रकारी कुरान से प्रेरित

दृष्टि III - कला/सौंदर्य
1857 के लखनऊ का अनदेखा दुर्लभ चित्र

1857 के लखनऊ का अनदेखा दुर्लभ चित्र

दृष्टि III - कला/सौंदर्य
हम कितनी गर्मी सहन कर सकते हैं?

हम कितनी गर्मी सहन कर सकते हैं?

स्पर्श - बनावट/वस्त्र
अवध की मछली और जलपरियाँ

अवध की मछली और जलपरियाँ

दृष्टि III - कला/सौंदर्य
लखनऊ का नवाबी हास्य

लखनऊ का नवाबी हास्य

दृष्टि II - अभिनय कला
कैसे कटती गर्मियां इस आविष्कार बिना - बर्फ की थाली

कैसे कटती गर्मियां इस आविष्कार बिना - बर्फ की थाली

घर - आंतरिक सज्जा/कुर्सियाँ/कालीन
ऑफिस बैठे गरमागरम खाना, टिफिन से हुआ संभव

ऑफिस बैठे गरमागरम खाना, टिफिन से हुआ संभव

घर - आंतरिक सज्जा/कुर्सियाँ/कालीन
जब विदेशियों को भा गये भारत के मटके

जब विदेशियों को भा गये भारत के मटके

मिट्टी के बर्तन से काँच व आभूषण तक
लखनऊ की उमराव तब और आज

लखनऊ की उमराव तब और आज

दृष्टि I - लेंस/फोटोग्राफी
चित्रमाला के रूप में लखनऊ

चित्रमाला के रूप में लखनऊ

दृष्टि I - लेंस/फोटोग्राफी