हरिद्वार की भूमि कैसे बनी उपजाऊ खेती की मिसाल?

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भूमि और मिट्टी के प्रकार : कृषि योग्य, बंजर, मैदान
1855 में हरिद्वार कुंभ मेले ने कैसे देश की आज़ादी की नीव रखी!

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औपनिवेशिक काल और विश्व युद्ध : 1780 ई. से 1947 ई.